बताया जा रहा है कि यह फैसला किसी प्रतिस्पर्धा या अहंकार का नहीं बल्कि अपने प्रोजेक्ट पर गहरे विश्वास का परिणाम है। सूत्रों के मुताबिक यश को अपनी फिल्म के कंटेंट और प्रस्तुति पर पूरा भरोसा है। वह केवल ओपनिंग वीकेंड के आंकड़ों पर नहीं बल्कि लंबी रेस के प्रदर्शन पर ध्यान दे रहे हैं। उनका मानना है कि अगर फिल्म में दम है तो क्लैश के बावजूद दर्शक उसे सराहेंगे और थिएटर तक पहुंचेंगे। यही वजह है कि 19 मार्च की तारीख पर वह अडिग हैं।
टॉक्सिक की घोषणा दिसंबर 2023 में ही कर दी गई थी और रिलीज डेट भी पहले से तय थी। यश के प्रशंसक लंबे समय से उन्हें बड़े पर्दे पर देखने का इंतजार कर रहे हैं। करीब 600 करोड़ रुपये के बजट में बनी यह फिल्म उनके करियर की सबसे महत्वाकांक्षी परियोजनाओं में गिनी जा रही है। दक्षिण भारत में यश की जबरदस्त फैन फॉलोइंग है ऐसे में ट्रेड एक्सपर्ट्स का मानना है कि फिल्म को वहां से मजबूत ओपनिंग मिल सकती है।
रिपोर्ट्स के अनुसार यश धुरंधर 2 के मेकर्स से इस बात को लेकर नाराज भी हैं कि उनकी फिल्म की घोषित रिलीज डेट के बावजूद उसी दिन दूसरी बड़ी फिल्म लाने की योजना बनाई गई। इंडस्ट्री सूत्रों का कहना है कि दक्षिण भारतीय फिल्म उद्योग में बड़े प्रोजेक्ट्स की रिलीज डेट तय करते समय आपसी संवाद और समन्वय की परंपरा आम है। लेकिन हिंदी फिल्म इंडस्ट्री में इस तरह का कम्युनिकेशन हमेशा देखने को नहीं मिलता। माना जा रहा है कि अगर औपचारिक बातचीत होती तो शायद स्थिति अलग हो सकती थी।
दूसरी ओर धुरंधर 2 को लेकर भी जबरदस्त बज बना हुआ है। पहली फिल्म की सफलता के बाद इसके सीक्वल से बड़ी उम्मीदें हैं। खासकर हिंदी बेल्ट में इस फिल्म को लेकर उत्साह चरम पर है। ऐसे में 19 मार्च का दिन दोनों फिल्मों के लिए परीक्षा की घड़ी साबित हो सकता है।
ट्रेड विश्लेषकों का मानना है कि यह क्लैश जोखिम के साथ अवसर भी लेकर आता है। यदि दोनों फिल्मों का कंटेंट दर्शकों को पसंद आता है तो वे समानांतर रूप से अच्छा प्रदर्शन कर सकती हैं। फिलहाल यश का रुख साफ है वह पीछे हटने के बजाय मुकाबले के लिए तैयार हैं। अब दर्शकों का फैसला ही तय करेगा कि इस महाटक्कर में किसका पलड़ा भारी रहता है।