MP SIR : भोपाल। मध्यप्रदेश में मतदाता सूची के गहन पुनरीक्षण (Special Intensive Revision – SIR) के पहले चरण के बाद बड़े पैमाने पर बदलाव सामने आए हैं। कई विधानसभा क्षेत्रों में 2023 चुनाव में मंत्री की जीत के वोट अंतर से कहीं अधिक मतदाताओं के नाम सूची से हटा दिए गए हैं। इसी क्रम में BJP के वरिष्ठ नेता डॉ. हितेश वाजपेयी का नाम भी मतदाता सूची से काट दिया गया।
डॉ. हितेश वाजपेयी का नाम कटा :
BJP नेता डॉ. हितेश वाजपेयी को SIR प्रक्रिया में “अनुपस्थित” बताकर नाम हटाया गया। सूत्रों के अनुसार, वाजपेयी ने स्थान परिवर्तन के लिए फॉर्म 8 ऑनलाइन जमा किया था, लेकिन फिर भी उनका नाम काट दिया गया। यह मामला राजनीतिक हलकों में चर्चा का विषय बन गया है।
मंत्री की जीत से ज्यादा वोटरों के नाम कटे :
SIR के बाद कई मंत्रियों की विधानसभा सीटों पर मतदाताओं की संख्या में भारी कमी आई है। देखिये कुछ उदाहरण –
– ग्वालियर दक्षिण : मंत्री नारायण सिंह कुशवाह 2,536 वोटों से जीते, लेकिन 56,552 वोटरों के नाम कटे।
– गोविंदपुरा (भोपाल): मंत्री कृष्णा गौर 1,06,668 वोटों से जीतीं, लेकिन 97,052 वोटर कम हुए।
– नरेला (भोपाल) : मंत्री विश्वास सारंग 24,569 वोटों से जीते, लेकिन 81,235 वोटरों के नाम हटे।
– इंदौर-1: मंत्री कैलाश विजयवर्गीय 57,939 वोटों से जीते, लेकिन 75,014 वोटर कम।
– जबेरा:मंत्री धर्मेंद्र सिंह लोधी 15,883 वोटों से जीते, लेकिन 10,000 वोटरों के नाम कटे।
ये आंकड़े SIR के पहले चरण के बाद सामने आए हैं। कई क्षेत्रों में जीत के अंतर से कई गुना ज्यादा मतदाता कम होने से राजनीतिक दलों में हलचल मच गई है। विपक्ष इसे लक्षित कार्रवाई बता रहा है, जबकि सत्ता पक्ष इसे सूची शुद्धिकरण का हिस्सा मान रहा है। निर्वाचन आयोग के अनुसार, SIR का उद्देश्य डुप्लिकेट, मृत और स्थानांतरित मतदाताओं के नाम हटाना है। हालांकि, बड़े पैमाने पर नाम कटने से विवाद बढ़ सकता है। प्रभावित मतदाता फॉर्म 7 या अपील दाखिल कर नाम जोड़वा सकते हैं।