इस समझौते के तहत कंपनी गौतमबुद्ध नगर स्थित जेवर में नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर दो प्रमुख परियोजनाएं स्थापित करेगी। पहले प्रोजेक्ट में अत्याधुनिक कार्गो कॉम्प्लेक्स का निर्माण शामिल है और दूसरे में विश्वस्तरीय एयर कैटरिंग किचेन स्थापित की जाएगी। इन दोनों परियोजनाओं पर कुल निवेश 4,458 करोड़ रुपए होगा।
एमओयू के अनुसार, जेवर एयरपोर्ट परिसर में बनने वाला अत्याधुनिक कार्गो कॉम्प्लेक्स न केवल उत्तर प्रदेश बल्कि पूरे उत्तर भारत के लिए एयर फ्रेट और लॉजिस्टिक्स का प्रमुख केंद्र बनेगा। इस परियोजना से निर्यात-आयात गतिविधियों को गति मिलेगी और विशेष रूप से इलेक्ट्रॉनिक्स, फार्मा, कृषि उत्पाद जैसे क्षेत्रों को लाभ पहुंचेगा। जेवर एयरपोर्ट को मल्टी-मॉडल कनेक्टिविटी के साथ विकसित किया जा रहा है, जिससे यह कार्गो कॉम्प्लेक्स अंतरराष्ट्रीय व्यापार के लिए रणनीतिक हब के रूप में उभरेगा।
एमओयू के दूसरे प्रमुख निवेश के तहत नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर ही एक अत्याधुनिक एयर कैटरिंग किचेन स्थापित किया जाएगा। इस किचेन से उच्च गुणवत्ता वाला भोजन जेवर एयरपोर्ट से संचालित होने वाली उड़ानों के लिए उपलब्ध होगा। खास बात यह है कि यहां तैयार किया गया भोजन केवल जेवर एयरपोर्ट तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि इसकी सप्लाई पूरे उत्तर भारत के विभिन्न एयरपोर्ट्स तक की जाएगी। इससे फूड प्रोसेसिंग और सप्लाई चेन नेटवर्क को मजबूती मिलेगी और हजारों प्रत्यक्ष व अप्रत्यक्ष रोजगार के अवसर सृजित होंगे।
मुख्यमंत्री के सिंगापुर दौरे का उद्देश्य वैश्विक निवेशकों को उत्तर प्रदेश की संभावनाओं से जोड़ना है। दूसरे दिन हुए इस एमओयू को राज्य के एविएशन, लॉजिस्टिक्स और सर्विस सेक्टर के लिए बड़ी उपलब्धि माना जा रहा है।
जेवर इंटरनेशनल एयरपोर्ट के चालू होने के साथ ही यह कार्गो कॉम्प्लेक्स और एयर कैटरिंग सुविधा उत्तर भारत के आर्थिक परिदृश्य को नई दिशा देंगे। यह न केवल राज्य की आर्थिक वृद्धि को बढ़ावा देगा, बल्कि प्रदेश को अंतरराष्ट्रीय मानचित्र पर और मजबूत स्थिति में स्थापित करेगा। निवेश से जुड़े ये प्रोजेक्ट्स रोजगार सृजन, व्यापार संवर्द्धन और क्षेत्रीय विकास में महत्वपूर्ण योगदान देंगे।
सीएम योगी ने इस अवसर पर कहा कि वैश्विक निवेशकों को राज्य की संभावनाओं और बुनियादी ढांचे से जोड़कर उत्तर प्रदेश को एक निवेश-अनुकूल केंद्र बनाया जा रहा है। सैट्स जैसी अग्रणी कंपनियों के साथ समझौते से राज्य में लॉजिस्टिक्स, एविएशन और सर्विस सेक्टर में निवेश का नया दौर शुरू होगा।