2 दिन में मिलेगा फुल एंड फाइनल सेटलमेंट
नए लेबर कोड के तहत अब यह अनिवार्य कर दिया गया है कि कर्मचारी के इस्तीफा देने या नौकरी से हटाए जाने के 48 घंटे के अंदर ही सभी बकाया भुगतान निपटा दिए जाएं। इसमें सैलरी, बोनस, लीव एनकैशमेंट और अन्य देनदारियां शामिल होंगी।
इस बदलाव का उद्देश्य कर्मचारियों को तुरंत आर्थिक राहत देना और कंपनियों द्वारा सेटलमेंट में देरी की समस्या को खत्म करना है। पहले अलग-अलग कंपनियों में अलग नियम होने के कारण कर्मचारियों को लंबा इंतजार करना पड़ता था। अब इस प्रक्रिया को एक समान और पारदर्शी बनाया गया है।
अपडेटेड Labour Codes आने से कर्मचारियों को क्या होगा फायदा
इस नए नियम से नौकरी बदलने वाले या अचानक नौकरी जाने वाले कर्मचारियों को बड़ी राहत मिलेगी। उन्हें तुरंत पैसा मिलने से वे अपनी आर्थिक जरूरतें आसानी से पूरी कर सकेंगे। इसके अलावा, यह नियम कंपनियों पर भी जवाबदेही तय करता है, जिससे वे कर्मचारियों के अधिकारों को नजरअंदाज नहीं कर पाएंगी। इससे एम्प्लॉयर-एम्प्लॉयी संबंधों में पारदर्शिता और भरोसा बढ़ेगा।
कंपनियों के लिए सख्त निर्देश
सरकार ने साफ कर दिया है कि नियम का पालन न करने वाली कंपनियों पर कार्रवाई की जा सकती है। यह बदलाव नए लेबर कोड का हिस्सा है, जिसका मकसद कामकाजी माहौल को बेहतर बनाना और कर्मचारियों के हितों की रक्षा करना है। कुल मिलाकर, यह नया नियम नौकरी छोड़ने के बाद होने वाली लंबी और जटिल प्रक्रिया को आसान और तेज बनाने की दिशा में बड़ा कदम माना जा रहा है।