बीजेपी विधायक ने बजट सत्र के दौरान रात करीब 8 बजे सदन में कहा हमारी सरकार ने पहले बजट में छोरा पैदा किया फिर दूसरे और तीसरे बजट में भी छोरा पैदा किया। जो जवानी में छोरा पैदा करता है वह हमेशा काम आता है। जब अशोक गहलोत मुख्यमंत्री थे उन्होंने अपने आखिरी बजट में घोषणाएं कीं लेकिन छोरा नहीं पैदा हुआ छोरी पैदा हुई और इसी वजह से आप विपक्ष में बैठे हैं। इस बयान ने सदन में मौजूद सदस्यों को झकझोर दिया और राजनीतिक गलियारों में भी चर्चा का विषय बन गया।
कांग्रेस ने इस टिप्पणी पर कड़ी आपत्ति जताई। पार्टी के अनुसार यह बयान लड़कों और लड़कियों में भेदभाव को दर्शाता है और सदन में इस तरह की संवेदनहीन टिप्पणी देना महिलाओं के प्रति पक्षपात को उजागर करता है। कांग्रेस के मुख्य सचेतक रफीक खान ने कहा कि बीजेपी विधायक के इस बयान ने उनकी पार्टी की सोच को सार्वजनिक कर दिया है। बीजेपी के लोग महिलाओं को लेकर क्या सोच रखते हैं यह अब साफ हो गया है। कांग्रेस का आरोप है कि इस तरह के बयान केवल राजनीतिक लाभ के लिए महिलाओं के प्रति नजरिए को हल्के में दिखाने वाले हैं।
वहीं बीजेपी की तरफ से गृह राज्य मंत्री जवाहर सिंह बेडम ने बहादुर सिंह कोली के बयान की व्याख्या करते हुए कहा कि विधायक बजट पर चर्चा कर रहे थे और कांग्रेस केवल हंगामा कर रही है। उन्होंने स्पष्ट किया कि बीजेपी और हमारी सरकार बेटियों का सम्मान करती है और उन्हें देवी स्वरूप में पूजती है। मंत्री ने यह भी याद दिलाया कि भाजपा सरकार ने संसद में महिलाओं को 33 फीसदी आरक्षण दिलाने का काम किया है और महिलाओं के सम्मान को सर्वोपरि माना जाता है।
राजनीतिक विशेषज्ञों के अनुसार यह बयान न केवल बजट सत्र में विवाद पैदा करने वाला है बल्कि सामाजिक और सांस्कृतिक दृष्टि से भी संवेदनशील है। महिलाओं और लड़कियों के प्रति राजनीतिक दलों की सोच पर भी बहस छिड़ा है। सत्तारूढ़ दल का कहना है कि यह केवल बजट पर व्यंग्य था जबकि विपक्ष इसे महिलाओं के प्रति पक्षपातपूर्ण टिप्पणी मान रहा है। यह घटना राज्य में आगामी चुनावों के मद्देनजर भी राजनीतिक चर्चाओं को तेज कर सकती है।
कुल मिलाकर बहादुर सिंह कोली के बयान ने विधानसभा में बहस का नया मुद्दा खड़ा किया है जहां बजट पर चर्चा के दौरान संवेदनशील सामाजिक मुद्दों को भी राजनीति की भेंट चढ़ाया गया। बयान के बाद बीजेपी और कांग्रेस के बीच बयानबाजी और प्रतिक्रिया जारी रही और राज्य की सियासत में यह विवाद केंद्र में बन गया।