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रूस पर ब्रिटेन का बड़ा दावा, यूरोप की केबल-पाइपलाइनों को निशाना बनाने की कोशिश का लगाया आरोप


नई दिल्ली। पश्चिम एशिया में चल रहे संघर्ष के बीच अब यूरोप में रूस को लेकर बड़ा विवाद खड़ा हो गया है। ब्रिटेन ने आरोप लगाया है कि रूसी पनडुब्बियों ने समुद्र के नीचे बिछी महत्वपूर्ण केबल्स और पाइपलाइनों को निशाना बनाने की कोशिश की जिसे ब्रिटिश और नॉर्वेजियन सेनाओं ने संयुक्त अभियान के जरिए विफल कर दिया।

रूस की कथित गतिविधियों पर ब्रिटेन की नजर

ब्रिटेन के रक्षा मंत्री जॉन हीली ने दावा किया कि रूस की यह गतिविधि लंबे समय से चल रही थी और इसमें युद्धपोत सैन्य विमान और कई पनडुब्बियां शामिल थीं। उनके अनुसार यह अभियान करीब दो महीने तक चला जिसे निगरानी और रणनीतिक जवाबी कार्रवाई के जरिए रोका गया।

समुद्री सुरक्षा को लेकर बड़ा अभियान

ब्रिटिश रॉयल नेवी ने नॉर्वे के साथ मिलकर एक संयुक्त सैन्य अभियान चलाया जिसमें रूसी अटैक और जासूसी पनडुब्बियों की गतिविधियों पर नजर रखी गई। ब्रिटेन का कहना है कि जैसे ही उनकी निगरानी बढ़ाई गई रूसी इकाइयां पीछे हट गईं और मिशन छोड़ दिया।

कठोर परिणाम की चेतावनी
ब्रिटिश रक्षा मंत्री ने रूस को सख्त चेतावनी देते हुए कहा कि समुद्र के नीचे मौजूद महत्वपूर्ण इंफ्रास्ट्रक्चर को नुकसान पहुंचाने की किसी भी कोशिश के गंभीर परिणाम होंगे। उन्होंने यह भी कहा कि ब्रिटेन लगातार इस क्षेत्र में रूस की हर गतिविधि पर नजर बनाए हुए है।

रणनीतिक महत्व की केबल्स और पाइपलाइन
ब्रिटेन के अनुसार जिन समुद्री केबल्स और पाइपलाइनों की सुरक्षा की जा रही है वे वैश्विक संचार और ऊर्जा आपूर्ति के लिए बेहद महत्वपूर्ण हैं। दावा किया गया है कि दुनिया का बड़ा डेटा ट्रैफिक इन्हीं केबल्स से होकर गुजरता है जिससे इनकी सुरक्षा रणनीतिक रूप से अत्यंत संवेदनशील बन जाती है।

रूस-नाटो तनाव के बीच बढ़ती टकराहट

यह पूरा घटनाक्रम ऐसे समय सामने आया है जब रूस और पश्चिमी देशों के बीच तनाव पहले से ही चरम पर है। दूसरी ओर अमेरिका में राजनीतिक हलकों में भी नाटो की भूमिका और यूरोपीय देशों की सुरक्षा जिम्मेदारी को लेकर बहस तेज है जिससे वैश्विक भू-राजनीतिक तनाव और बढ़ता दिख रहा है।

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