Mahakaushal Times

विकास का सशक्त विजन : एक ट्रिलियन डॉलर की ओर बढ़ता मध्यप्रदेश

– डॉ. मयंक चतुर्वेदी मध्यप्रदेश आज एक ऐसे परिवर्तनकारी दौर से गुजर रहा है, जहाँ विकास नारा न होकर धरातल पर उतरती हुई वास्तविकता बन चुका है। राज्य की आर्थिक गति, औद्योगिक विस्तार, कृषि समृद्धि और रोजगार सृजन की दिशा में हो रहे सतत प्रयासों ने इसे देश के तेजी से उभरते राज्यों की श्रेणी […]

वैदिक चेतना से सामाजिक क्रांति तक भारतीय पुनर्जागरण के अग्रदूत महर्षि दयानंद सरस्वती – आचार्य ललित मुनि

 आचार्य ललित मुनिउन्नीसवीं सदी का भारत गहरे संक्रमण का समय था। एक ओर अंग्रेजी शासन का राजनीतिक वर्चस्व था, दूसरी ओर समाज भीतर से जर्जर हो चुका था। धार्मिक जीवन कर्मकांडों में उलझा हुआ था, जातिगत ऊंच नीच ने सामाजिक एकता को तोड़ दिया था, स्त्रियों की स्थिति अत्यंत दयनीय थी और शिक्षा का दायरा […]

वन्दे मातरम्: राष्ट्र चेतना का सनातन गीत और आधुनिक भारत का पुनर्जागरण

– कैलाश चंद “वन्दे मातरम्” ये दो शब्द सिर्फ एक नारा नहीं, भारत की आत्मा का गूढ़ और दिव्य उद्गार हैं। यह केवल एक गीत नहीं बल्कि भारतीय राष्ट्रवाद की आध्यात्मिक जड़ है, जो भूमि, संस्कृति, शक्ति और ज्ञान इन चारों को मातृभाव में एक सूत्र में पिरोता है। जब कोई भारतीय “वन्दे मातरम्” कहता […]

कुलधर्म, दांपत्य और आधुनिकता का द्वंद्व

दीपक कुमार द्विवेदी फरवरी का महीना आते ही वातावरण में एक अलग प्रकार की हलचल दिखाई देने लगती है। बाजारों में लाल रंग की सजावट, उपहारों की भरमार, सामाजिक माध्यमों पर प्रदर्शित संबंध, और वेलेंटाइन डे तथा प्रॉमिस डे के नाम पर बढ़ती व्यावसायिक सक्रियता ये सब केवल एक उत्सव का विस्तार नहीं, बल्कि सामाजिक […]

त्वरित विकास को समर्पित कल्याणकारी केन्‍द्रीय बजट

-डॉ. महेन्द्र सिंह केन्द्रीय वित्तमंत्री निर्मला सीतारमण द्वारा वर्ष 2026-27 के लिए संसद में पेश किया गया गया बजट देश के त्वरित विकास को समर्पित कल्याणकारी बजट है। इस बजट में समाहित प्रस्तावों में आर्थिक विकास की गति को बढ़ाने और उसे निरन्तर बनाये रखने पर जोर दिया गया है। साथ ही, लोककल्याण के लिए […]

रक्षा बजट 2026-27 से बढ़ेगी सैन्य क्षमता और आत्मनिर्भरता.

नई दिल्ली। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण द्वारा 1 फरवरी 2026 को प्रस्तुत केंद्रीय बजट में वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए रक्षा क्षेत्र को विशेष प्राथमिकता दी गई है। वर्तमान वैश्विक सुरक्षा परिस्थितियों, क्षेत्रीय चुनौतियों और चल रहे अभियानों को ध्यान में रखते हुए रक्षा बजट में उल्लेखनीय वृद्धि भारत की दीर्घकालिक सैन्य रणनीति, आत्मनिर्भरता और […]

पत्थर के देवता- डॉ. नारायण व्यास: ये हैं समय, शिला और सभ्‍यता के मौन साधक

– डॉ. मयंक चतुर्वेदी मध्य प्रदेश की धरती पर जब भी पत्थरों की भाषा पढ़ी जाती है, शिलाओं पर उकेरे गए आदिम मनुष्य के सपने समझे जाते हैं और गुफाओं की दीवारों पर जब सांस लेते इतिहास को अनुभूत किया जाता है, तब अनायास ही एक नाम सामने आता है; भारत के महान पुरातत्त्वविद्, चित्रकार, […]

नई नौकरियां, मजबूत अर्थव्यवस्था: 2026 में भारत में पीएमआई 59.5

– रवि रंजन सिंह भारत की अर्थव्यवस्था ने हाल के वर्षों में अभूतपूर्व गति पकड़ी है। जनवरी 2026 के एचएसबीसी फ्लैश पीएमआई डेटा (परचेजिंग मैनेजर्स इंडेक्स) ने इसकी पुष्टि की है, जहां मैन्युफैक्चरिंग और सर्विसेज सेक्टरों में तेजी दर्ज की गई। यह न केवल आर्थिक विकास की मजबूती को दर्शाता है, बल्कि रोजगार सृजन के […]

स्क्रीन के उजाले में बुझती युवा संवेदनाएं

– डॉ. संध्‍या एस चौकसे आज का भारत युवाओं का भारत है। यही युवा देश की रीढ़ हैं और भविष्य की नींव भी, किंतु विडंबना यह है कि जिन हाथों में कलम किताबें औजार और रचनात्मकता होनी चाहिए, उन्हीं हाथों में आज हर पल एक चमकती हुई स्क्रीन दिखाई देती है। मोबाइल फोन! जिसने दुनिया […]

अरावली पहाड़ियों में खनन पर अदालत और सरकार

कैलाश चन्‍द्र । भारत की अरावली पर्वतमाला उत्तर और पश्चिम भारत की पारिस्थितिक सुरक्षा प्रणाली की रीढ़ है। दिल्ली से लेकर गुजरात तक फैली यह प्राचीन पर्वत शृंखला भारत की सबसे पुरानी भूवैज्ञानि संरचनाओं में से एक होने के साथ ही यह मरुस्थलीकरण को रोकने वाली प्राकृतिक दीवार भूजल पुनर्भरण का अहम क्षेत्र और जैव […]