Chhindwara News : तामिया. (छिंदवाड़ा) शनिवार की शाम कड़ाके की ठंड थी। मोयापानी गांव में आदिवासी परिवार चूल्हे के सामने बैठकर रात का खाना बनाने-खाने की तैयारी कर रहे थे। तभी अचानक गाड़ियों की लाइटें चमकीं और काफिले के साथ लोगों का हुजूम गांव में आया। पहले तो ग्रामीण सहम गए, लेकिन जब पता चला कि खुद कलेक्टर और सीईओ उनकी समस्याएं सुनने आए हैं, तो माहौल ही बदल गया।
महिलाओं ने कहा – भूख खत्म हो गई! (Chhindwara News)
कलेक्टर हरेंद्र नारायण और जिला पंचायत सीईओ अग्रिम कुमार जैसे ही गांव पहुंचे, लोगों ने फटाफट लकड़ियां जमा कीं और अलाव जला दिया। ठिठुरती ठंड में पूरा गांव चौपाल बनकर बैठ गया। कलेक्टर साहब ने सबसे पहले पूछा, “खाना खा लिया सबने?” महिलाओं ने एक स्वर में मुस्कुराते हुए जवाब दिया – “साहब, आपको देखकर हमारी भूख ही मर गई!”
सरकारी योजनाओं की दी जानकारी (Chhindwara News)
चौपाल में कलेक्टर ने स्व-सहायता समूह, स्वरोजगार, प्रधानमंत्री आवास, उद्यानिकी योजनाओं की एक-एक करके जानकारी दी। युवाओं और महिलाओं को आगे आने, लोन लेने और अपना काम शुरू करने के लिए खूब प्रेरित किया। प्रक्रिया भी इतनी आसान भाषा में बताई कि हर कोई समझ गया।
ग्रामीणों की सबसे बड़ी शिकायत लो-वोल्टेज की थी। कलेक्टर ने मौके पर ही विद्युत विभाग के अधिकारियों को फोन घुमाया और एक नया ट्रांसफॉर्मर तुरंत लगाने का ऑर्डर दे दिया।
राशन की फिंगरप्रिंट मशीन से त्रस्त महिलाएं (Chhindwara News)
महिलाओं ने बताया कि, राशन लेने में सबसे बड़ी दिक्कत फिंगरप्रिंट की है। उंगलियां खुरदुरी हैं, मशीन बार-बार फेल हो जाती है। कभी बिजली गुल, कभी नेटवर्क नहीं। महीने में तीन-चार बार दुकान के चक्कर लगाने पड़ते हैं।” कलेक्टर ने अधिकारियों को तुरंत वैकल्पिक व्यवस्था करने को कहा।
मिनी आंगनबाड़ी और स्टॉप डैम की मांग भी पूरी होने की उम्मीद
ढालढाना में मिनी आंगनबाड़ी भवन बनाने की मांग पर तुरंत कार्रवाई का आश्वासन मिला। स्टॉप डैम और अन्य छोटी-छोटी जरूरतों के लिए भी संबंधित विभागों को निर्देश दे दिए गए।
कलेक्टर बोले – सीएम साहब की मंशा यही है (Chhindwara News)
कलेक्टर हरेंद्र नारायण ने कहा, “मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव जी का स्पष्ट निर्देश है कि रात में भी गांवों में जाइए, लोगों की समस्याएं सुनिए और मौके पर ही निपटारा कीजिए। आज मोयापानी में यही किया।” ग्रामीणों का कहना था – “पहली बार लगा कि हमारी बात कोई सीधे सुन रहा है। इतनी ठंड में साहब खुद हमारे बीच आए, ये दिन हम कभी नहीं भूलेंगे।”
चौपाल में एसडीएम कामनी ठाकुर, तहसीलदार उमराज सिंह, जनपद सीईओ समेत सभी विभागों के अधिकारी मौजूद रहे। अलाव की लपटों के बीच देर रात तक गांव गुलजार रहा और लोगों के चेहरों पर मुस्कान।