Chhindwara News : छिंदवाड़ा। प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत छिंदवाड़ा नगर निगम के हाउसिंग प्रोजेक्ट में अनियमितताओं के मामले में हाईकोर्ट ने बड़ा फैसला सुनाया है। कोर्ट ने खजरी टाउनशिप में एक हितग्राही की याचिका पर निगम के आवंटन रद्द करने के आदेश को निरस्त कर दिया। साथ ही हितग्राही को 15 दिन में शेष राशि जमा करने और निगम को 15 दिन में मकान हैंडओवर करने के सख्त निर्देश दिए हैं।
याचिकाकर्ता का मामला (Chhindwara News)
याचिकाकर्ता आरती बघेल ने 24 अप्रैल 2023 को हाईकोर्ट में याचिका दायर की थी। उन्होंने बताया कि MIG-31 फ्लैट आवंटित होने के बाद पहली किश्त के रूप में 4.30 लाख रुपये जमा किए थे। RERA समझौते के अनुसार बुकिंग पर 10% और पजेशन पर शेष राशि जमा करनी थी। लेकिन निगम ने 2 सितंबर 2022 को 38.70 लाख की डिमांड नोटिस जारी की, जो समझौते के खिलाफ थी। निर्माण पूरा न होने से राशि जमा नहीं की तो 24 अप्रैल 2023 को मनमाने तरीके से आवंटन रद्द कर दिया गया।
कोर्ट ने याचिकाकर्ता के पक्ष को सही मानते हुए निगम के आदेश रद्द कर दिए और दोनों पक्षों को 15 दिन की मोहलत दी।
निगम कमिश्नर का बयान (Chhindwara News)
नगर निगम कमिश्नर चंद्रप्रकाश राय ने कहा, “कोर्ट का कोई आदेश अभी प्राप्त नहीं हुआ है। आदेश मिलने पर एडवोकेट से सलाह लेकर आगे की कार्रवाई करेंगे।”
यह फैसला उन सैकड़ों हितग्राहियों के लिए राहत की खबर है जो परतला, ईमलीखेड़ा और खजरी प्रोजेक्ट में वर्षों से पजेशन का इंतजार कर रहे हैं। प्रोजेक्ट में अनियमितताओं, राशि बढ़ाने और अचानक कैंसिल करने के आरोप लगते रहे हैं। हाईकोर्ट का यह आदेश निगम पर दबाव बढ़ाएगा। हितग्राही अब उम्मीद कर रहे हैं कि जल्द उन्हें मकान मिलेंगे।