मुख्यमंत्री डॉ. यादव प्रमुख वैश्विक तकनीकी कंपनियों के प्रतिनिधियों के साथ वन-टू-वन बैठकें भी करेंगे। इन बैठकों में एआई कंप्यूटिंग, साइबर सुरक्षा संरचना, क्लाउड इकोसिस्टम, जनरेटिव एआई एकीकरण और डिजिटल सेवाओं के विस्तार पर चर्चा होगी। साथ ही एडवांस्ड सेमीकंडक्टर एक्सीलरेशन, क्लाउड कंप्यूटिंग, डेटा सेंटर विकास और सॉवरेन एआई मॉडलिंग जैसे अत्याधुनिक विषयों पर भी मंथन किया जाएगा।
मुख्यमंत्री टियर-2 शहरों से उभर रहे स्टार्ट-अप्स और नवप्रवर्तकों से भी मुलाकात करेंगे। वे एआई आधारित समाधानों पर काम कर रहे युवा उद्यमियों के नवाचारों की जानकारी लेकर उन्हें प्रोत्साहित करेंगे। इससे राज्य में तकनीकी नवाचार और स्टार्ट-अप इकोसिस्टम को नई ऊर्जा मिलने की उम्मीद है।
समिट में मध्यप्रदेश का विशेष पवेलियन हॉल-4, प्रथम तल, बूथ संख्या 4F-32 और 4F-34 में AI सशक्त भारत के लिए सक्षम शासन थीम पर स्थापित किया गया है। इस पवेलियन में 14 एआई स्टार्ट-अप, IIT Indore, आईआईटीआई दृष्टि सीपीएस फाउंडेशन सहित शैक्षणिक संस्थान और चार प्रमुख शासकीय विभाग भाग ले रहे हैं। यहां शासन में लागू किए जा चुके एआई समाधानों को प्रदर्शित किया जा रहा है, जो पारदर्शिता बढ़ाने, समयबद्ध सेवा वितरण और डेटा-आधारित निर्णय प्रणाली को सशक्त बनाने में सहायक हैं।
मध्यप्रदेश का विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग, एमपीएसईडीसी के सहयोग से, इस राष्ट्रीय मंच पर राज्य की योजनाबद्ध और लक्ष्य-आधारित एआई पहलों को प्रस्तुत कर रहा है। मुख्यमंत्री का मानना है कि एआई तकनीक के प्रभावी उपयोग से मध्यप्रदेश आर्थिक प्रगति, निवेश आकर्षण और सुशासन के क्षेत्र में नई पहचान बना सकता है।