जबलपुर। मध्यप्रदेश सरकार ने जनजातीय समुदाय के छात्रों की शिक्षा और सुरक्षा को और मजबूत बनाने के लिए महत्वपूर्ण कदम उठाया है। भगवान बिरसा मुंडा की 150वीं जयंती पर आयोजित जनजातीय गौरव दिवस समारोह में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव (CM Mohan Yadav) ने ऐलान किया कि अगले साल राज्य में 5000 छात्रावास अधीक्षकों (हॉस्टल वार्डन) की भर्ती प्रक्रिया शुरू की जाएगी। यह कदम आदिवासी छात्रावासों में बेहतर प्रबंधन, निगरानी और सुरक्षित वातावरण सुनिश्चित करने के उद्देश्य से उठाया गया है।
कार्यक्रम के दौरान सीएम यादव (CM Mohan Yadav) ने जनजातीय कार्य विभाग के तहत संचालित सभी बालिका छात्रावासों और आश्रमों का नामकरण वीरांगना रानी दुर्गावती के नाम पर करने की घोषणा की। इसी तरह, बालक छात्रावासों और आश्रमों को महाराजा शंकर शाह के नाम से जाना जाएगा। इन फैसलों से जनजातीय नायकों की स्मृति को जीवंत रखने के साथ-साथ छात्रों में प्रेरणा का संचार होगा।
क्रांति गौड़ को सम्मान, एक करोड़ का चेक
समारोह की खास तहसील महिला क्रिकेट विश्व कप विजेता टीम की सदस्य क्रांति गौड़ को किया गया। छतरपुर जिले के घुवारा की रहने वाली क्रांति ने टूर्नामेंट में 9 विकेट हासिल कर टीम की जीत में अहम योगदान दिया। सीएम (CM Mohan Yadav) ने उन्हें सम्मानित करते हुए एक करोड़ रुपये का चेक सौंपा, जो जनजातीय बेटियों की उपलब्धियों का प्रतीक है।
पीएम मोदी का वर्चुअल संबोधन और एकलव्य स्कूल का शिलान्यास
जनजातीय गौरव दिवस पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी वर्चुअली जुड़े। उन्होंने क्रांति गौड़ की तारीफ करते हुए कहा कि जनजातीय बेटी का यह प्रदर्शन पूरे देश के लिए गौरव का विषय है। पीएम ने धार जिले के मनावर में देश के पहले एकलव्य आदर्श आवासीय स्कूल का शिलान्यास भी किया। उन्होंने बताया कि वर्तमान में देशभर में 485 एकलव्य विद्यालय संचालित हैं, जहां 1.38 लाख से अधिक छात्र शिक्षा ग्रहण कर रहे हैं। पीएम ने इन्हें ‘सपनों की प्रयोगशाला’ करार दिया, जहां से युवा बड़ी ऊंचाइयों को छू रहे हैं।