Coldrif Cough Syrup Case : मध्यप्रदेश के छिंदवाड़ा जिले में जहरीले कोल्ड्रिफ कफ सिरप से जुड़े मामले में विशेष जांच टीम (SIT) ने बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. प्रवीण सोनी को तीन दिनों की रिमांड के बाद शनिवार को जेल भेज दिया। इस सिरप के सेवन से अब तक 20 से अधिक बच्चों की किडनी फेलियर के कारण मौत हो चुकी है, जिसने पूरे इलाके में रोष पैदा कर दिया है।
सिरप में DEG की मात्रा निर्धारित मानक से 48.6% अधिक (Coldrif Cough Syrup Case) :
परासिया के बीएमओ की शिकायत पर दर्ज मामले में डॉ. प्रवीण सोनी, सिरप बनाने वाली श्रीसन फार्मा के मालिक रंगनाथन गोविंदन समेत सात लोगों को आरोपी बनाया गया है। डॉ. सोनी पर आरोप है कि उन्होंने बच्चों को यह सिरप लिखा था और कंपनी से कमीशन भी लिया। SIT ने रिमांड के दौरान उनसे सिरप के वितरण, निर्माण और लाइसेंस संबंधी अनियमितताओं पर गहन पूछताछ की। जांच में पाया गया कि सिरप में डाइएथिलीन ग्लाइकॉल (DEG) की मात्रा निर्धारित मानक से 48.6% अधिक थी, जो जहरीली साबित हुई।
अंबिका विश्वकर्मा नामक बच्ची की मौत (Coldrif Cough Syrup Case)
वहीं, तमिलनाडु के चेन्नई से गिरफ्तार श्रीसन फार्मा के मालिक रंगनाथन गोविंदन, जो पहले से जेल में बंद हैं, से अब कुंडीपुरा पुलिस अतिरिक्त पूछताछ के लिए रिमांड मांगेगी। यह कदम अंबिका विश्वकर्मा नामक बच्ची की मौत से जुड़े सबूतों को मजबूत करने के उद्देश्य से उठाया जा रहा है। पुलिस ने रंगनाथन को आशीर्वाद मेडिकल स्टोर के संचालक, फार्मासिस्ट और कंपनी के अन्य कर्मचारियों के साथ आरोपी ठहराया है। अदालत से रिमांड मिलते ही जेल में उनकी पूछताछ शुरू हो जाएगी।
इस मामले में SIT ने अब तक कई गिरफ्तारियां की हैं, जिसमें डॉ. सोनी की पत्नी ज्योति सोनी, केमिकल एनालिस्ट के. माहेश्वरी और होलसेलर राजेश सोनी शामिल हैं। सबूत छिपाने के आरोप में दवा दुकानों के लाइसेंस रद्द कर दिए गए हैं। पुलिस का कहना है कि जांच का दायरा कंपनी के उत्पादन से लेकर वितरण नेटवर्क तक फैला हुआ है, और आगे की कार्रवाई जारी रहेगी।