वाशिंगटन। ईरान-अमेरिका युद्ध (Iran-America War) में सीजफायर के बाद बिटकॉइन की कीमतें (Bitcoin Price) तीन हफ्ते के हाई पर पहुंच गई हैं। न्यूयॉर्क ट्रेडिंग (New York Trading) में बिटकॉइन 5% चढ़कर 72,841 डॉलर तक पहुंच गया, जो 18 मार्च के बाद सबसे ऊंचा स्तर है। हालांकि, बाद में इसमें हल्की मुनाफावसूली भी देखने को मिली।
ईथर और अन्य क्रिप्टो में भी उछाल: तेजी सिर्फ बिटकॉइन तक सीमित नहीं रही। ईथेरियम भी 7.5% उछलकर 2,273 डॉलर तक पहुंच गया। यानी पूरे क्रिप्टो मार्केट में निवेशकों का भरोसा लौटा है।
सीजफायर से बाजार में आई राहत
डोनाल्ड ट्रंप द्वारा ईरान पर हमले रोकने के फैसले ने ग्लोबल मार्केट में पॉजिटिव माहौल बना दिया। इसके बाद शेयर बाजारों में तेजी आई और कच्चे तेल की कीमतें गिरकर 95 डॉलर से नीचे आ गईं। होर्मूज स्ट्रेट के फिर से खुलने की उम्मीद ने निवेशकों का डर कम किया, जिससे जोखिम वाले ऐसेट्स जैसे क्रिप्टो में खरीदारी बढ़ी।
खतरा अभी बाकी: टूट सकता है ट्रेंड
विशेषज्ञों ने चेतावनी दी है कि यह तेजी स्थायी नहीं भी हो सकती। अगर सीजफायर टूटता है, तो बिटकॉइन फिर से गिरकर 66,000 डॉलर तक जा सकता है। युद्ध शुरू होने के बाद से बिटकॉइन 60,000 से 75,000 डॉलर के बीच ही झूल रहा है।
शॉर्ट सेलर्स को झटका
तेजी ने उन ट्रेडर्स को नुकसान पहुंचाया, जो गिरावट पर दांव लगा रहे थे। डेटा के मुताबिक, पिछले 24 घंटों में 250 मिलियन डॉलर से ज्यादा की शॉर्ट पोजीशन खत्म हो गईं। ब्लूमबर्ग ने विशेषज्ञों के हवाले से बताया है कि अगर कीमत 73,500 डॉलर के ऊपर टिकती है, तो बिटकॉइन 80,000 डॉलर तक जा सकता है। ब्लॉकचेन डेटा के अनुसार, अभी स्पॉट मार्केट में मांग उतनी मजबूत नहीं है।
हालांकि, यूएस में लिस्टेड स्पॉट बिटकॉइन एक्सचेंज-ट्रेडेड फंड्स में सोमवार को $471.3 मिलियन का नेट इनफ्लो हुआ। यह पिछले हफ़्ते के $22.3 मिलियन के इनफ्लो से काफी अधिक था। यह संस्थागत निवेशकों की वापसी का शुरुआती संकेत हो सकता है।
राहत की रैली, पर नजर जरूरी:
सीजफायर ने क्रिप्टो मार्केट को मजबूती दी है, लेकिन आगे की दिशा पूरी तरह जियो-पॉलिटिकल हालात और निवेशकों की मांग पर निर्भर करेगी। फिलहाल, बाजार में तेजी है, लेकिन जोखिम भी बरकरार है।