पहले मामले में घमापुर क्षेत्र की एक कॉलेज छात्रा को टेलीग्राम पर संपर्क कर ऑनलाइन जॉब और वर्क फ्रॉम होम के नाम पर फंसाया गया। उसे शुरुआत में छोटे-छोटे काम देकर भरोसा दिलाया गया और बाद में निवेश तथा प्रोसेसिंग के नाम पर अलग-अलग चरणों में पैसे जमा करने के लिए कहा गया।
झांसे में आकर छात्रा ने धीरे-धीरे करीब एक लाख रुपये विभिन्न खातों में ट्रांसफर कर दिए। जब न तो उसे कोई नौकरी मिली और न ही कोई कमाई वापस मिली, तब उसे ठगी का एहसास हुआ। इसके बाद उसने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई, जिस पर मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है।
दूसरे मामले में बरगी थाना क्षेत्र में दो लोगों ने साधु का भेष धारण कर एक युवक को अपने जाल में फंसा लिया। पहले तो उन्होंने मदद के नाम पर पैसे मांगे, फिर हाथ देखकर भविष्य में 5 करोड़ रुपये मिलने का लालच दिया। इसके बाद पूजा-पाठ और कथित चमत्कार के नाम पर युवक को मानसिक रूप से प्रभावित किया गया।
जानकारी के अनुसार, आरोपियों ने अलग-अलग तरीकों से युवक से कुल 28 हजार रुपये वसूल लिए। कुछ देर बाद जब युवक को शक हुआ तो उसने पुलिस को सूचना दी। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने घेराबंदी कर दोनों आरोपियों को पकड़ लिया और उन्हें गिरफ्तार कर लिया गया।
पुलिस जांच में सामने आया है कि आरोपी लोगों को भ्रमित करने के लिए अलग-अलग तरह के हथकंडे अपनाते थे और लालच व अंधविश्वास का सहारा लेकर ठगी करते थे। दोनों मामलों में पुलिस आगे की कार्रवाई कर रही है।