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अक्षय तृतीया के दिन भूलकर भी न करें ये गलतियां वरना समृद्धि की जगह आ सकती है परेशानी


नई दिल्ली। अक्षय तृतीया सनातन परंपरा का एक अत्यंत शुभ और पवित्र पर्व माना जाता है जो हर वर्ष वैशाख शुक्ल पक्ष की तृतीया तिथि को मनाया जाता है। वर्ष 2026 में यह पर्व 19 अप्रैल को मनाया जाएगा। धार्मिक मान्यता के अनुसार यह दिन इतना शुभ होता है कि किसी भी मांगलिक कार्य के लिए अलग से मुहूर्त देखने की आवश्यकता नहीं होती इसलिए इसे अबूझ मुहूर्त भी कहा जाता है। इस दिन भगवान विष्णु और माता लक्ष्मी की पूजा का विशेष महत्व होता है और माना जाता है कि इस दिन किए गए शुभ कार्य अक्षय फल प्रदान करते हैं यानी उनका पुण्य कभी समाप्त नहीं होता।

दृक पंचांग के अनुसार तृतीया तिथि की शुरुआत 19 अप्रैल को सुबह 10 बजकर 49 मिनट से होगी और इसका समापन 20 अप्रैल को सुबह 7 बजकर 27 मिनट पर होगा। उदया तिथि के आधार पर 19 अप्रैल को ही अक्षय तृतीया मनाई जाएगी। पूजा और खरीदारी के लिए विशेष शुभ समय सुबह 10 बजकर 49 मिनट से दोपहर 12 बजकर 45 मिनट तक रहेगा। इस अवधि में सोना चांदी या अन्य शुभ वस्तुओं की खरीद विशेष फलदायी मानी जाती है।

अक्षय तृतीया पर जहां एक ओर सोना चांदी तांबा और पीतल जैसी धातुएं खरीदना शुभ माना जाता है वहीं कुछ ऐसी चीजें भी हैं जिन्हें इस दिन खरीदने से बचना चाहिए। मान्यता है कि इन वस्तुओं की खरीदारी से घर में नकारात्मक ऊर्जा का प्रवेश हो सकता है और आर्थिक स्थिति पर भी असर पड़ सकता है।

सबसे पहले बात करें धारदार और नुकीली वस्तुओं की तो इस दिन चाकू कैंची सुई या किसी भी प्रकार की काटने वाली चीज खरीदना अशुभ माना गया है। यह प्रतीकात्मक रूप से रिश्तों में कटुता और तनाव को बढ़ा सकता है जिससे परिवार में कलह की स्थिति बन सकती है।

इसी तरह काले रंग की वस्तुओं से भी इस दिन दूरी बनाकर रखने की सलाह दी जाती है। शास्त्रों में काले रंग को शनि और राहु से जोड़कर देखा गया है और इसे शुभ कार्यों में वर्जित माना गया है। ऐसे में काले कपड़े जूते या अन्य सामान खरीदने के बजाय पीले लाल और सफेद जैसे शुभ रंगों को अपनाना बेहतर होता है।

धातुओं की बात करें तो अक्षय तृतीया पर धातु खरीदना शुभ जरूर है लेकिन सही धातु का चयन बेहद जरूरी है। सोना चांदी तांबा और पीतल जहां समृद्धि के प्रतीक हैं वहीं एल्यूमीनियम और स्टील को राहु से संबंधित माना जाता है। इनकी खरीदारी इस दिन करने से घर की बरकत पर असर पड़ सकता है इसलिए इनसे बचना चाहिए।

इसके अलावा घर की सजावट के लिए पौधे खरीदने का विचार कर रहे हैं तो इस दिन कांटेदार पौधों जैसे कैक्टस से दूर रहें। वास्तु शास्त्र के अनुसार ऐसे पौधे नकारात्मक ऊर्जा को बढ़ाते हैं और जीवन में बाधाएं उत्पन्न कर सकते हैं। इसके बजाय तुलसी मनी प्लांट या सुगंधित फूलों के पौधे लाना शुभ माना जाता है जो सकारात्मकता और समृद्धि को बढ़ाते हैं।

अक्षय तृतीया केवल खरीदारी का पर्व नहीं बल्कि श्रद्धा विश्वास और सकारात्मक ऊर्जा का प्रतीक है। इस दिन सही नियमों का पालन करके और गलतियों से बचकर आप अपने जीवन में सुख समृद्धि और शांति को स्थायी बना सकते हैं।

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