एक व्यक्ति, एक ही PPF खाता
पब्लिक प्रॉविडेंट फंड एक्ट, 1968 के अनुसार पूरे देश में एक व्यक्ति अपने नाम पर केवल एक ही PPF खाता रख सकता है, चाहे वह बैंक में हो या पोस्ट ऑफिस में। अगर आपके पास पहले से किसी बैंक में PPF खाता है, तो आप दूसरे बैंक या डाकघर में नया खाता नहीं खोल सकते। नियम सख्त हैं और पूरे भारत में समान रूप से लागू होते हैं।
दूसरा खाता खुला तो क्या होगा?
यदि किसी ने गलती से दो या अधिक खाते खोल लिए हैं, तो प्राथमिक खाते को छोड़कर बाकी सभी खाते ‘अनियमित’ घोषित कर दिए जाते हैं। ऐसे खातों में जमा रकम पर कोई ब्याज नहीं मिलेगा। अतिरिक्त खातों को या तो बंद करना होगा या वित्त मंत्रालय (NS Branch) की अनुमति से प्राथमिक खाते में मर्ज कराना होगा। यदि मर्ज नहीं कराया गया, तो खाते बंद कर केवल मूल जमा राशि लौटाई जाएगी—बिना किसी ब्याज के। यानी छोटी सी चूक से बड़ा वित्तीय नुकसान संभव है।
नाबालिग के लिए अलग नियम
PPF में एकमात्र अपवाद नाबालिग बच्चे का खाता है। माता या पिता में से कोई एक 18 वर्ष से कम आयु के बच्चे के नाम पर खाता खोल सकता है। हालांकि, यहां भी कुल निवेश सीमा लागू होती है। आपके और बच्चे के खाते में मिलाकर एक वित्तीय वर्ष में अधिकतम ₹1.5 लाख ही जमा किए जा सकते हैं। उदाहरण के तौर पर, यदि आपने अपने खाते में ₹1 लाख जमा किए हैं, तो बच्चे के खाते में अधिकतम ₹50,000 ही निवेश कर सकते हैं।
ब्याज दर, निवेश सीमा और अन्य सुविधाएं
वित्त वर्ष 2025-26 की दूसरी तिमाही के अनुसार PPF पर 7.1% सालाना ब्याज मिल रहा है। न्यूनतम ₹500 और अधिकतम ₹1.5 लाख सालाना जमा किए जा सकते हैं। खाता 15 साल में मैच्योर होता है और इसे 5-5 साल के ब्लॉक में बढ़ाया जा सकता है। 5 वित्तीय वर्ष पूरे होने के बाद आंशिक निकासी की सुविधा मिलती है और 3 से 6 साल के बीच बैलेंस के आधार पर लोन भी लिया जा सकता है।
ज्यादा निवेश के लिए विकल्प
अगर आप ₹1.5 लाख से ज्यादा टैक्स बचत चाहते हैं, तो National Pension System (NPS) या बेटी होने पर Sukanya Samriddhi Yojana में निवेश पर विचार कर सकते हैं।
PPF में एक व्यक्ति के नाम पर सिर्फ एक ही खाता मान्य है। अतिरिक्त खाता खुलने पर ब्याज का नुकसान तय है, इसलिए निवेश से पहले नियमों की पूरी जानकारी जरूरी है।