अपने संबोधन में मुख्य चुनाव आयुक्त ने खेल और चुनाव प्रक्रिया के बीच गहरे संबंध को रेखांकित किया। उन्होंने कहा कि पारदर्शिता, निष्पक्षता, तटस्थता और नियमों के प्रति सम्मान जैसे मूल्य खेल जगत की पहचान हैं और यही सिद्धांत भारतीय चुनाव प्रणाली की आधारशिला भी हैं। उन्होंने जोर देकर कहा कि जिस प्रकार खेल में नियमों का पालन और खेलभावना सर्वोपरि होती है, उसी प्रकार चुनावों में आचार संहिता, समान अवसर और निष्पक्ष संचालन अत्यंत आवश्यक हैं। उन्होंने प्रतिभागियों से आह्वान किया कि वे पूरे उत्साह, अनुशासन और सकारात्मक भावना के साथ सप्ताह भर चलने वाले आयोजनों में भाग लें।
संबोधन के बाद ज्ञानेश कुमार ने लोकतंत्र के लिए दौड़ो थीम के अंतर्गत 100 मीटर महिला दौड़ को हरी झंडी दिखाई। इस प्रतीकात्मक शुरुआत के साथ खेल सप्ताह का विधिवत आगाज हुआ। इस वर्ष के वार्षिक खेल सप्ताह का विषय मैदान में सद्भाव, लोकतंत्र में शक्ति रखा गया है, जो खेलों के माध्यम से टीम भावना, सहयोग और स्वस्थ प्रतिस्पर्धा को बढ़ावा देने के साथ साथ लोकतांत्रिक मूल्यों को सुदृढ़ करने का संदेश देता है।
निर्वाचन आयोग के रिक्रिएशन क्लब की ओर से आयोजित इस खेल सप्ताह में कुल 383 प्रतिभागी हिस्सा ले रहे हैं, जिनमें 72 महिला प्रतिभागी शामिल हैं। आयोजन का उद्देश्य न केवल कर्मचारियों के शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य को प्रोत्साहित करना है, बल्कि आपसी समन्वय और संगठनात्मक एकता को भी मजबूत करना है।
खेल सप्ताह के दौरान 7 विभिन्न खेलों की 43 श्रेणियों में प्रतियोगिताएं आयोजित की जाएंगी। इनमें शतरंज, कैरम, टेबल टेनिस, बैडमिंटन, क्रिकेट, फुटबॉल और एथलेटिक्स ट्रैक स्पर्धाएं शामिल हैं। एथलेटिक्स में विभिन्न आयु वर्गों के पुरुषों और महिलाओं के लिए 100, 200, 400 और 800 मीटर दौड़ प्रतियोगिताएं आयोजित की जा रही हैं। इन विविध स्पर्धाओं के माध्यम से प्रतिभागियों को अपनी खेल प्रतिभा दिखाने और स्वस्थ प्रतिस्पर्धा का अनुभव प्राप्त करने का अवसर मिलेगा।
ईसीआई का यह वार्षिक खेल सप्ताह न केवल खेल कौशल को बढ़ावा देने का मंच है, बल्कि यह लोकतांत्रिक मूल्यों और संगठनात्मक एकजुटता को सुदृढ़ करने की दिशा में भी एक महत्वपूर्ण पहल है। खेल और लोकतंत्र के साझा आदर्शों को एक साथ प्रस्तुत करता यह आयोजन पूरे सप्ताह उत्साह और सकारात्मक ऊर्जा से परिपूर्ण रहने की उम्मीद है।