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मौत के 'पॉइंट ब्लैंक' रेंज से लौटे फारूक अब्दुल्ला, 70 साल के हमलावर ने सिर पर तानी थी रिवॉल्वर Z+ सिक्योरिटी में चूक पर भड़के CM उमर


नई दिल्ली। बुधवार रात जम्मू के एक शादी समारोह में उस वक्त अफरा-तफरी मच गई, जब जम्मू-कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री फारूक अब्दुल्ला की हत्या का प्रयास किया गया। एक 70 वर्षीय हमलावर ने सुरक्षा घेरे को तोड़ते हुए अब्दुल्ला के सिर से महज कुछ इंच की दूरी पर पिस्टल तानकर फायरिंग कर दी। किस्मत और सुरक्षाकर्मियों की मुस्तैदी की वजह से फारूक अब्दुल्ला बाल-बाल बच गए।

घटनाक्रम: ‘शादी’ के जश्न के बीच गूंजी गोलियां
फारूक अब्दुल्ला अपने साथी और डिप्टी सीएम सुरिंदर चौधरी के साथ नेशनल कॉन्फ्रेंस कार्यकर्ता सुरजीत सिंह के बेटे की शादी में शामिल होने ‘रॉयल पार्क’ पहुंचे थे।जैसे ही फारूक अब्दुल्ला समारोह से बाहर निकल रहे थे, पीछे से आए कमल सिंह जामवाल ने उनके सिर पर रिवॉल्वर तान दी।सीसीटीवी फुटेज में साफ दिख रहा है कि हमलावर ने जैसे ही ट्रिगर दबाया, पास खड़े सिक्योरिटी गार्ड ने उसकी कोहनी पकड़कर हाथ ऊपर की तरफ झटका, जिससे गोली हवा में चली गई।

अब्दुल्ला का बयान: हमले के बाद फारूक अब्दुल्ला ने कहा, “मुझे ऊपर वाले ने बचाया है। मुझे लगा कि कोई पटाखा फूटा है, बाद में पता चला कि वह गोली थी।”

हमलावर का कबूलनामा: ’20 साल से थी मारने की जिद’
पुलिस की गिरफ्त में आए हमलावर कमल सिंह जामवाल (जो कि दूल्हे के पिता का चचेरा भाई और बिजनेसमैन है) ने चौंकाने वाला बयान दिया हैपुलिस रिमांड पर ले जाते समय कमल ने चिल्लाकर कहा, “मैंने किसी के कहने पर गोली नहीं चलाई, यह मेरी मर्जी थी और मैं पिछले 20 साल से उन्हें मारना चाहता था।”पुलिस के मुताबिक, हमलावर के पास पिछले कई सालों से लाइसेंसी हथियार है।

सुरक्षा में भारी चूक: सीएम उमर अब्दुल्ला के तीखे सवाल
इस घटना ने जम्मू-कश्मीर के सुरक्षा तंत्र को कटघरे में खड़ा कर दिया है।मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने सोशल मीडिया पर सवाल उठाया कि एक Z+ और NSG प्रोटेक्टेड पूर्व मुख्यमंत्री के इतने करीब एक शख्स लोडेड पिस्टल लेकर कैसे पहुँच गया? सुरिंदर चौधरी ने आरोप लगाया कि रॉयल पार्क जैसे व्यस्त स्थल पर स्थानीय पुलिस की तैनाती नहीं थी, जो एक बड़ी सुरक्षा विफलता है।

सियासी उबाल: जम्मू की सड़कों पर प्रदर्शन
घटना के विरोध में नेशनल कॉन्फ्रेंस के हजारों कार्यकर्ता सड़कों पर उतर आए हैं। कार्यकर्ताओं ने केंद्र सरकार और उपराज्यपाल मनोज सिन्हा के प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी की। उन्होंने इसे लोकतांत्रिक राजनीति के लिए एक गंभीर चुनौती करार देते हुए दोषियों और इसके पीछे की साजिश की गहन जांच की मांग की है।

केंद्रीय गृह मंत्री ने लिया संज्ञान
मामले की गंभीरता को देखते हुए केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने स्वयं फारूक अब्दुल्ला को फोन किया और उनका कुशलक्षेम जाना। गृह मंत्रालय ने इस सुरक्षा चूक पर रिपोर्ट तलब की है।

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