नई दिल्ली। अंतरराष्ट्रीय बाजार में तेजी के बीच बुधवार को सोने और चांदी की कीमतों में जोरदार उछाल दर्ज किया गया।
मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (MCX) पर सोना ₹5500 से ज्यादा महंगा हो गया, जबकि चांदी के दाम में 12,000 रुपये से अधिक की बढ़ोतरी देखी गई।
दूसरी तरफ इंटरनेशनल मार्केट सोना 2% से अधिक बढ़ गया। रॉयटर्स के मुताबिक बुधवार को नरम डॉलर, युद्ध खत्म होने के संकेतों, कच्चे तेल में कमजोरी के कारणसोना हाजिर 2.1% बढ़कर 4,568.29 डॉलर प्रति औंस हो गया। अप्रैल डिलीवरी के लिए अमेरिकी सोना वायदा 3.8% बढ़कर 4,569.40 डॉलर हो गया। जबकि, हाजिर चांदी 3.8% बढ़कर 73.94 डॉलर प्रति औंस हो गई।
दूसरी तरफ इंटरनेशनल मार्केट सोना 2% से अधिक बढ़ गया। रॉयटर्स के मुताबिक बुधवार को नरम डॉलर, युद्ध खत्म होने के संकेतों, कच्चे तेल में कमजोरी के कारणसोना हाजिर 2.1% बढ़कर 4,568.29 डॉलर प्रति औंस हो गया। अप्रैल डिलीवरी के लिए अमेरिकी सोना वायदा 3.8% बढ़कर 4,569.40 डॉलर हो गया। जबकि, हाजिर चांदी 3.8% बढ़कर 73.94 डॉलर प्रति औंस हो गई।
युद्ध के बीच शांति की उम्मीद से सोने को सपोर्ट
सोने की कीमतों में यह उछाल अमेरिका-ईरान के बीच संभावित बातचीत की खबरों के कारण आया है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने संकेत दिया कि मध्य पूर्व युद्ध को खत्म करने के लिए कूटनीतिक रास्ता तलाशा जा रहा है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, जल्द ही हाई-लेवल शांति वार्ता हो सकती है, हालांकि ईरान की ओर से अभी अंतिम प्रतिक्रिया का इंतजार है। इस खबर ने बाजार में सकारात्मक माहौल बनाया।
तेल गिरा, डॉलर कमजोर, सोना मजबूत
ब्लूमबर्ग के मुताबिक सोने की तेजी के पीछे एक और कारण है, कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट और डॉलर का कमजोर होना।
सोने की कीमतों में यह उछाल अमेरिका-ईरान के बीच संभावित बातचीत की खबरों के कारण आया है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने संकेत दिया कि मध्य पूर्व युद्ध को खत्म करने के लिए कूटनीतिक रास्ता तलाशा जा रहा है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, जल्द ही हाई-लेवल शांति वार्ता हो सकती है, हालांकि ईरान की ओर से अभी अंतिम प्रतिक्रिया का इंतजार है। इस खबर ने बाजार में सकारात्मक माहौल बनाया।
तेल गिरा, डॉलर कमजोर, सोना मजबूत
ब्लूमबर्ग के मुताबिक सोने की तेजी के पीछे एक और कारण है, कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट और डॉलर का कमजोर होना।
डॉलर इंडेक्स करीब 0.2% गिरा, जिससे सोना निवेशकों के लिए सस्ता और आकर्षक हो गया। दिलचस्प बात यह है कि पिछले कुछ हफ्तों में सोना शेयर बाजार के साथ चल रहा था, जबकि तेल के साथ इसका उल्टा संबंध देखने को मिला।
फिर भी खतरा बरकरार: युद्ध और महंगाई का दबाव
फिर भी खतरा बरकरार: युद्ध और महंगाई का दबाव
हालांकि सोने में तेजी आई है, लेकिन बाजार में अनिश्चितता अभी भी बनी हुई है। ईरान ने होर्मुज स्ट्रेट पर पकड़ बनाए रखी है और इजरायल के हमले जारी हैं। अमेरिका ने भी करीब 2,000 सैनिकों को मध्य पूर्व भेजने का फैसला किया है। ऊर्जा कीमतों में उछाल के कारण महंगाई का खतरा बढ़ गया है, जिससे ब्याज दरें ऊंची रह सकती हैं और यह सोने के लिए नकारात्मक संकेत है।