नई दिल्ली । आज यानी 2 अप्रैल 2026 को पूरे देश में चैत्र पूर्णिमा और हनुमान जन्मोत्सव का पावन पर्व मनाया जा रहा है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार यह दिन अत्यंत शुभ और फलदायी माना जाता है। ज्योतिषाचार्यों के अनुसार इस वर्ष चैत्र पूर्णिमा और हनुमान जन्मोत्सव का महासंयोग बन रहा है जिससे पूजा-अर्चना और उपायों का महत्व और बढ़ गया है।
धार्मिक ग्रंथों के अनुसार इस दिन भगवान हनुमान का जन्म हुआ था। इसलिए इसे हनुमान जन्मोत्सव के रूप में भी मनाया जाता है। साथ ही भगवान विष्णु और मां लक्ष्मी की पूजा-अर्चना करने अन्न-धन और अन्य वस्तुओं का दान करने का विशेष विधान है। ऐसा करने से घर में सुख समृद्धि और धन-धान्य की कमी नहीं होती।
इस पावन अवसर पर कुछ आसान और असरदार उपाय किए जा सकते हैं जो धन की देवी मां लक्ष्मी को प्रसन्न करने के साथ-साथ आर्थिक तंगी से मुक्ति दिलाते हैं।
घर के मुख्य द्वार पर दीपक जलाएं
ज्योतिषियों का मानना है कि चैत्र पूर्णिमा के दिन घर के मुख्य द्वार पर दीपक जलाना अत्यंत शुभ होता है। ऐसा करने से घर में मां लक्ष्मी की कृपा बनी रहती है और नकारात्मक ऊर्जा दूर रहती है। दीपक की ज्योति सकारात्मकता का संचार करती है और घर में समृद्धि और सुख-शांति बनी रहती है।
रसोई घर में दीपक जलाना
सिर्फ मुख्य द्वार पर ही नहीं बल्कि घर की रसोई में भी दीपक जलाना अत्यंत फलदायी माना जाता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार रसोई घर में मां अन्नपूर्णा का वास होता है। चैत्र पूर्णिमा के दिन रसोई में दीपक जलाने से अन्नपूर्णा की असीम कृपा बनी रहती है जिससे घर में कभी भी अन्न और धन की कमी नहीं होती और परिवार में समृद्धि बनी रहती है।
तुलसी की पूजा करें
शास्त्रों के अनुसार चैत्र पूर्णिमा की शाम को तुलसी का पूजन करना अत्यंत शुभ होता है। तुलसी के पौधे में श्री हरि और मां लक्ष्मी का वास माना गया है। तुलसी की पूजा करने से घर में मां लक्ष्मी की कृपा बनी रहती है धन-धान्य की कमी नहीं होती और आर्थिक तंगी से छुटकारा मिलता है। यह उपाय सरल होते हुए भी अत्यंत प्रभावी माना जाता है।
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार इन उपायों को श्रद्धा और भक्ति भाव से करने से घर में सुख शांति समृद्धि और खुशहाली बनी रहती है। इस चैत्र पूर्णिमा पर इन उपायों को अपनाकर न केवल माता लक्ष्मी प्रसन्न होती हैं बल्कि परिवार में सकारात्मक ऊर्जा और आनंद भी बढ़ता है। तो इस पावन दिन दीपक जलाएं तुलसी की पूजा करें और दान-पुण्य में भाग लें। यह न केवल धार्मिक नियमों का पालन है बल्कि आपके घर में आर्थिक और मानसिक समृद्धि भी सुनिश्चित करता है।