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हबल स्पेस टेलीस्कोप: ब्रह्मांड की ‘टाइम मशीन’ जो दिखाती है अरबों साल पुरानी दुनिया


नई दिल्ली ब्रह्मांड के रहस्यों का पता लगाने में इंसान की सबसे बड़ी सुविधा में से एक है हबल स्पेस टेलीस्कोप। इसे अक्सर “टाइम्समशीन” कहा जाता है, क्योंकि यह हमें अरबों वर्षों पुराने ब्रह्मांडों की तस्वीरें दिखाता है। असल में, जब हबल दूर स्थित पोजीशन और ग्लासों की रोशनी को स्थापित किया जाता है, तो वह लाखों-करोड़ों साल पहले रोशन होती है। यानी हम जो घटित होते देख रहे हैं, वह पिंड वर्तमान नहीं बल्कि अतीत घटित है।

रोशनी का सफर ही है टाइम स्टोर्स का राज

खगोल विज्ञान में ‘प्रकाश-वर्ष’ की दूरी की इकाई है, जो बताती है कि प्रकाश एक वर्ष में कितनी दूरी तय करता है। रोशनी की गति लगभग 3 लाख किमी/सेकंड है। उदाहरण के लिए, सूर्य की रोशनी पृथ्वी तक पहुँचने में करीब 8 मिनट लगते हैं, यानी हम सूरज को हमेशा 8 मिनट पुराने देखते हैं। जब बात बहुत दूर स्थित बिल्डरों और इलेक्ट्रॉनिक्स की होती है, तो यह समय लाखों अरब वर्षों तक पहुंच जाता है। यही कारण है कि हबल स्पेस टेलीस्कोप हमें ब्रह्मांड के इतिहास की झलक दिखाता है।

पृथ्वी से ऊपर, साफ़ नज़र और अद्भुत दृश्य

हबल स्पेस टेलीस्कोप पृथ्वी की सतह से लगभग 550 किमी ऊपर मठ कक्षा में स्थित है और लगभग 95 मिनट में पृथ्वी का एक चक्कर लगाया गया है। पृथ्वी के ऊपर बने चक्रवात के कारण इस पर प्रदूषण, प्रदूषण या प्रकाश प्रदूषण का प्रभाव नहीं पड़ता है। यही वजह है कि ये बेहद साफा और प्रवासी तस्वीरें ले पाता है। यह सिर्फ एक टेलीस्कोप नहीं है, बल्कि एक संपूर्ण अंतरिक्ष वेधशाला है, जिसे देखने का हमारा नजरिया ही बदल गया।

ब्रह्मांड के प्रारंभिक दौर की झलक

हबल की नजर इतनी दूर तक फैली हुई है कि हमें ब्रह्मांड के जन्म की करीबी घटनाएं दिखाई दे सकती हैं। उदाहरण के तौर पर GN-z11 नाम की आकाशगंगा, कीमत रोशनी हम तक की पहुंच में करीब 13.4 अरब साल लगी। यानी हम उसे वैसे ही देख रहे हैं, जैसी वह 40 करोड़ साल बाद बिग बैंग की थी। इसी तरह इयरेंडेल नाम का तारा, जिसका नाम लाइट लगभग 12.9 अरब साल पुराना है, हबल द्वारा देखा गया सबसे दूर का तारा इसमें शामिल है।

ब्रह्मांडीय खजाना के लिए

हबल से मिले डेटा ने ब्रह्मांड के विकास, आकाशगंगाओं के निर्माण और डार्क मैटर जैसे रहस्यों को समझने में मदद की है। इसे “कॉस्मिक आर्कियोलॉजी” यानी ब्रह्मांडीय पुरातत्व के प्रमुख उपकरण माना जाता है। वैज्ञानिक इन आंकड़ों और आँकड़ों के माध्यम से ब्रह्मांड के इतिहास को खोजते हैं और उनके अनसुलझे प्रश्नों के उत्तर खोजते हैं।

निष्कर्ष: अतीत की खिड़की, भविष्य की समझ

हबल स्पेस टेलीस्कोप सिर्फ एक वैज्ञानिक उपकरण नहीं है, बल्कि मानव जिज्ञासा और खोज का प्रतीक है। यह हमें न सिर्फ यह बताता है कि ब्रह्मांड कैसा था, बल्कि यह भी समझने में मदद करता है कि हम इसमें कहां हैं।

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