जांच अधिकारियों के मुताबिक अंजू दासारी घरों में साफ-सफाई का काम करती थीं और उनकी हत्या का कारण यह था कि वह अपनी बेटी और मोंटी के रिश्ते के खिलाफ थीं। 17 अक्टूबर 2025 को बेटी ने पुलिस में मां की गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई थी। लेकिन लगभग एक साल तक बेटी उसी कमरे में सोती रही, जहां उसकी मां का शव दबा हुआ था।
मलकाजगिरि जोन के DCP सीएच श्रीधर ने बताया कि 17 वर्षीय बेटी के बयानों में विरोधाभास और कॉल डेटा रिकॉर्ड (CDR) ने पुलिस को शक दिलाया। जांच में पता चला कि मोंटी का नाम इसमें सामने आया और दोनों ने हत्या की योजना बनाई।
पुलिस पूछताछ में आरोपियों ने स्वीकार किया कि उन्होंने शादी में रुकावट बनने के कारण अंजू की हत्या की। भय के कारण दोनों ने शव को घर के अंदर गहरा गड्ढा खोदकर दबा दिया और ऊपर से कंक्रीट की फर्श डाल दी ताकि बदबू बाहर न आए। बुधवार को फोरेंसिक एक्सपर्ट्स की मौजूदगी में फर्श खोदा गया, जहां से महिला का सड़ा-गला कंकाल बरामद हुआ।
पुलिस ने शव को पोस्टमॉर्टम और डीएनए टेस्ट के लिए भेजा है। दोनों आरोपी गिरफ्तार होकर जेल भेज दिए गए हैं। अब पुलिस यह भी जांच कर रही है कि क्या इस खौफनाक साजिश में कोई अन्य बाहरी व्यक्ति शामिल था।
यह मामला न केवल परिवार में आपसी विवाद और प्रेम संबंधों की सीमा को उजागर करता है, बल्कि यह बताता है कि कैसे अपराधियों ने पूरे साल तक एक भयानक रहस्य छिपाए रखा।