कोनोली की बल्लेबाजी ने बदला मैच का रुख
लक्ष्य का पीछा करते हुए पंजाब की शुरुआत कुछ खास नहीं रही, लेकिन तीसरे नंबर पर बल्लेबाजी करने उतरे कोनोली ने परिस्थितियों को भांपते हुए संयम और ऊंचाइयों का बेहतरीन मिश्रण पेश किया। उन्होंने 44 गेंद पर नाबाद 72 रन बनाए, जिसमें 5 चौके और 5 शानदार कारनामे शामिल थे। अफसरों पर राशिद खान की गेंद पर लगाया गया उनका बैकफुट छक्का दर्शकों के लिए रोमांच का केंद्र बन गया। कोनोली अंत तक क्रीज पर टिके रहे और टीम को जीत की दहलीज तक पहुंचाएगा।
अय्यर ने की जोरदार टक्कर, बताया ‘मैच अवेयर खिलाड़ी’
मैच के बाद कप्तान श्रेयस अय्यर ने कहा कि कोनोली की बल्लेबाजी देखने लायक थी। उन्होंने कहा, “उसने जो शॉट खेले, वे सच में कमाल के थे। खासकर राशिद खान की गेंद पर बैकफुट से छक्का लगाना उसकी क्लास को दिखाता है।” अय्यर ने आगे कहा कि कोनोली में सबसे अच्छा गेम अवेयरनेस है और उन्होंने पहले भी उसे ऑस्ट्रेलिया के लिए खेलते देखा है। उनकी गिनती है कि यह युवा खिलाड़ी आगे भी टीम के लिए महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।
गुजरात की पारी: गिल और बटलर ने संभाली कमान
इससे पहले टॉस पहले गेंदबाजी करने उतरी पंजाब की टीम ने गुजरात टाइटंस को 20 ओवर में 6 विकेट पर 162 रन पर रोक दिया। गुजरात की ओर से कप्तान शुभमन गिल ने 27 गेंद पर 39 रन बनाए, जबकि जोस बटलर ने 33 गेंद पर 38 रन की पारी खेली। इसके अलावा ग्लेन फिलिप्स ने 25 रन बनाकर टीम को स्कोर तक पहुंचाने में योगदान दिया।
पंजाब के गेंदबाजों का शानदार प्रदर्शन
पंजाब की ओर से गेंदबाजी में विजय कुमार वैशाख ने 3 विकेट लेकर मैच का रुख पलटने में अहम भूमिका निभाई। वहीं युजवेंद्र चहल ने 2 विकेट झटके, जबकि मार्को जानसेन को 1 सफलता मिली। इन गेंदबाजों की सही हुई गेंदबाजी ने गुजरात को बड़े स्कोर से दूर रखा।
अंतिम ओवरों में रोमांच, पंजाब ने मारी बाजी
लक्ष्य का पीछा करते हुए पंजाब ने 19.1 ओवर में 7 विकेट खोकर 165 रन बनाते हुए मैच अपने नाम किया। हालांकि बीच में टीम ने कुछ जल्दी विकेट गंवाए, लेकिन कोनोली की सूझबूझ भरी बल्लेबाजी ने टीम को संभाला रखा। गुजरात की ओर से प्रसिद्ध कृष्णा ने 3 विकेट लिए, जबकि कगिसो रबाडा, वाशिंगटन सुंदर और राशिद खान को एक-एक सफलता मिली।
प्लेयर ऑफ द मैच बने कोनोली
अपने शानदार प्रदर्शन के लिए कोनोली को प्लेयर ऑफ द मैच चुना गया। उनका कॉन्फिडेंस, शॉट सिलेक्शन और प्रेशर में खेलने की कैपेसिटी इस जीत की सबसे बड़ी वजह रही।