Jabalpur News : जबलपुर। आर्थिक अपराध प्रकोष्ठ (EOW) ने छिंदवाड़ा (पश्चिम) वन मंडल परासिया में कैम्पा योजना (2015-18) के तहत हुए करीब 30 लाख रुपये के घोटाले का पर्दाफाश किया है। फर्जी मजदूरी, डुप्लीकेट बिल, बिना स्वीकृति कार्य और फर्जी कंपनी को ठेका देकर लाखों का गबन किया गया।
मामले के मुख्य आरोपी (Jabalpur News)
1. उप वन मंडलाधिकारी अनादि बुधोलिया (19 साल सेवा, 17 साल एक ही जगह पदस्थ!)
2. परिक्षेत्र अधिकारी सांवरी – कीर्ति बाला
3. वन परिक्षेत्र अधिकारी – हीरालाल
4. वनपाल चेतराम का पुत्र – सुशील चौबे
कैसे हुआ घोटाला? (Jabalpur News)
वनपाल चेतराम के बेटे सुशील चौबे को फर्जी मजदूर दिखाकर 2.71 लाख रुपये वेतन दिया गया। सुशील की फर्जी कंपनी “अवनी कंस्ट्रक्शन” को बाउंड्रीवॉल समेत काम का ठेका देकर 23.21 लाख रुपये का भुगतान किया गया। एक ही मजदूर को एक ही काम के लिए दो-दो बार पेमेंट हुआ। CCTV-DVR लगाने में 52 हजार रुपये का अतिरिक्त भुगतान हुआ। सांवरी में 15 लाख का बाउंड्रीवॉल कार्य स्वीकृत, सिर्फ 6.97 लाख के बिल, बाकी गायब हैं। बिना स्वीकृति काम करवाकर बाद में 2.22 लाख रुपये का फर्जी भुगतान किया गया।
कानूनी कार्रवाई (Jabalpur News) :
EOW ने चारों आरोपियों के खिलाफ IPC 409 (आपराधिक विश्वासघात), 120B (आपराधिक साजिश), भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की विभिन्न धाराओं में केस दर्ज कर लिया है।
जांच में पता चला है कि उप वन मंडलाधिकारी अनादि बुधोलिया 17 साल से एक ही जगह जमे हुए थे, जिससे इतने बड़े पैमाने पर गड़बड़ी संभव हो सकी। EOW अब इनके बैंक खातों, संपत्ति और अन्य ठिकानों की जांच कर रही है। जल्द ही गिरफ्तारियां भी हो सकती हैं। वन विभाग में यह घोटाला कैम्पा फंड के दुरुपयोग का एक और बड़ा मामला बन गया है। पीड़ित पक्ष की शिकायत पर कार्रवाई हुई और अब पूरे मामले की गहरी जांच जारी है।