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सिर्फ 1 कपूर की टिकिया बदल देगी किस्मत दूर होगा कर्ज क्लेश और वास्तु दोष..


नई दिल्ली:भारतीय परंपरा में कपूर का उपयोग केवल पूजा पाठ और आरती तक सीमित नहीं है बल्कि इसे वास्तु शास्त्र में भी बेहद प्रभावशाली माना गया है धार्मिक मान्यताओं के अनुसार कपूर वातावरण को शुद्ध करने के साथ नकारात्मक ऊर्जा को दूर करता है और सकारात्मकता का संचार करता है यही कारण है कि वास्तु दोष को दूर करने के लिए कपूर के कई सरल और असरदार उपाय बताए गए हैं

कहा जाता है कि यदि घर में लगातार आर्थिक समस्याएं बनी रहती हैं या मेहनत के बावजूद सफलता नहीं मिलती तो कपूर का उपाय बेहद लाभकारी साबित हो सकता है इसके लिए रात में किचन का काम समाप्त होने के बाद एक कटोरी में कपूर और लौंग रखकर जलाएं और उसे पूरे घर में घुमाएं मान्यता है कि इससे घर की नकारात्मक ऊर्जा समाप्त होती है और नौकरी तथा व्यापार में तरक्की के रास्ते खुलने लगते हैं

धन संकट से जूझ रहे लोगों के लिए भी कपूर का उपाय किसी वरदान से कम नहीं माना जाता है वास्तु शास्त्र के अनुसार यदि कर्ज का बोझ बढ़ता जा रहा हो या आर्थिक स्थिति कमजोर हो तो रोजाना चांदी की कटोरी में कपूर और लौंग जलाना चाहिए इसके साथ ही घर की दक्षिण पूर्व दिशा में नियमित रूप से कपूर जलाने से धन लाभ के योग बनने लगते हैं और धीरे धीरे आर्थिक परेशानियां कम होने लगती हैं

घर में यदि अक्सर झगड़े और क्लेश का माहौल बना रहता है तो भी कपूर का प्रयोग लाभकारी माना गया है इसके लिए देसी घी में कपूर को भिगोकर रोजाना जलाएं और इसे ऐसे स्थान पर रखें जहां से उसकी सुगंध पूरे घर में फैल सके ऐसा करने से वातावरण शुद्ध होता है और परिवार के सदस्यों के बीच आपसी प्रेम और समझ बढ़ती है जिससे घर का माहौल शांत और सुखद बनता है

दांपत्य जीवन में चल रही कड़वाहट को दूर करने के लिए भी कपूर का एक खास उपाय बताया गया है यदि पति पत्नी के बीच तनाव अधिक हो गया हो तो रात के समय पति के तकिए के नीचे कपूर रख दें और सुबह उठकर उसे बिना बताए जला दें मान्यता है कि इस उपाय से संबंधों में मधुरता आती है और आपसी मनमुटाव दूर होने लगता है

वास्तु दोष को दूर करने के लिए सबसे सरल उपाय यह माना जाता है कि घर के अलग अलग कमरों में कपूर की टिकिया रख दी जाए जब यह टिकिया पूरी तरह से खत्म हो जाए तो उसकी जगह नई टिकिया रख दें ऐसा करने से धीरे धीरे घर की नकारात्मक ऊर्जा समाप्त होती है और सकारात्मक ऊर्जा का प्रवाह बढ़ने लगता है जिससे घर में सुख शांति और समृद्धि बनी रहती है

वास्तु शास्त्र के इन उपायों का मुख्य उद्देश्य घर के वातावरण को शुद्ध और संतुलित बनाए रखना है हालांकि इन उपायों के साथ साथ मेहनत और सकारात्मक सोच भी उतनी ही जरूरी है तभी जीवन में स्थायी सफलता और खुशहाली प्राप्त की जा सकती है

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