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एमपी की दो ताप विद्युत यूनिट्स का कमाल, चचाई ने 500 दिन और सारनी ने 100 दिन सतत उत्पादन का बनाया रिकॉर्ड


भोपाल। मध्यप्रदेश पॉवर जनरेटिंग कंपनी की दो ताप विद्युत इकाइयों ने बिना रुके लगातार बिजली उत्पादन कर नया इतिहास रच दिया है। मध्यप्रदेश पॉवर जनरेटिंग कंपनी के अंतर्गत संचालित अमरकंटक ताप विद्युत गृह चचाई की 210 मेगावाट क्षमता वाली यूनिट नंबर-5 ने लगातार 500 दिन विद्युत उत्पादन का कीर्तिमान बनाया है, जबकि सतपुड़ा ताप विद्युत गृह सारनी STPS की 250 मेगावाट क्षमता वाली यूनिट नंबर-10 ने 100 दिन निरंतर उत्पादन कर उल्लेखनीय उपलब्धि दर्ज की है।

उपलब्ध जानकारी के अनुसार चचाई की यूनिट नंबर-5 ने 1 अक्टूबर 2024 से सतत विद्युत उत्पादन जारी रखते हुए 500 दिन का आंकड़ा पार किया। यह उपलब्धि सार्वजनिक क्षेत्र में देश की तीसरी तथा स्टेट सेक्टर में पहली यूनिट के रूप में दर्ज हुई है। इससे पहले सार्वजनिक क्षेत्र में NTPC Limited की दो इकाइयाँ क्रमशः 644 और 559 दिन तक संचालित रह चुकी हैं। इस उपलब्धि को प्रदेश के ऊर्जा क्षेत्र में मील का पत्थर माना जा रहा है।

ऊर्जा मंत्री प्रद्युम्न सिंह तोमर ने इस सफलता पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कहा कि पावर जनरेटिंग कंपनी के इतिहास में किसी भी यूनिट द्वारा हासिल किया गया यह अब तक का सबसे लंबा निरंतर संचालन रिकॉर्ड है। उन्होंने कहा कि बिना किसी बड़े आउटेज के 500 दिन तक सतत संचालन, अमरकंटक ताप विद्युत गृह चचाई की पेशेवर प्रतिबद्धता, तकनीकी दक्षता और कुशल प्रबंधन का प्रमाण है।

चचाई यूनिट नंबर-5 के प्रदर्शन आंकड़े भी इसकी विश्वसनीयता को दर्शाते हैं। यूनिट ने 98.64 प्रतिशत प्लांट अवेलेबिलिटी फैक्टर 95.30 प्रतिशत प्लांट लोड फैक्टर तथा 9.28 प्रतिशत ऑक्ज़िलरी कंजम्प्शन दर्ज किया है। यह उच्च स्तरीय ऑपरेशनल दक्षता और तकनीकी उत्कृष्टता का संकेत है। इंडेक्स प्लांट टीम द्वारा निरंतर निगरानी और समन्वित प्रयासों से यह उपलब्धि संभव हो सकी।

वहीं सतपुड़ा ताप विद्युत गृह सारनी की यूनिट नंबर-10 ने 5 नवम्बर 2025 से लगातार उत्पादन करते हुए 100 दिन का रिकॉर्ड बनाया। इस अवधि में यूनिट ने 100.16 प्रतिशत प्लांट अवेलेबिलिटी फैक्टर, 92.85 प्रतिशत प्लांट लोड फैक्टर तथा 8.23 प्रतिशत ऑक्ज़िलरी खपत दर्ज की। यह आंकड़े यूनिट की परिचालन क्षमता और तकनीकी मजबूती को रेखांकित करते हैं। उल्लेखनीय है कि सारनी की यही यूनिट इसी वित्तीय वर्ष में 200 दिन से अधिक लगातार उत्पादन का रिकॉर्ड भी बना चुकी है।

प्रदेश में बिजली की बढ़ती मांग के बीच इन दोनों यूनिट्स का निरंतर और स्थिर उत्पादन न केवल ऊर्जा सुरक्षा को मजबूती देता है, बल्कि औद्योगिक और घरेलू उपभोक्ताओं को भी विश्वसनीय आपूर्ति सुनिश्चित करता है। यह उपलब्धि राज्य के ऊर्जा क्षेत्र में तकनीकी सुधार, बेहतर रखरखाव और प्रबंधन क्षमता का सकारात्मक संकेत मानी जा रही है।

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