कमलनाथ का बयान ऐसे समय में आया है जब कांग्रेस लगातार देश में LPG की किल्लत और लंबी लाइनों की शिकायत कर रही है। गुरुवार को भाजपा और कांग्रेस के बीच एलपीजी और ईंधन की उपलब्धता को लेकर बहस भी हुई। भाजपा ने कहा कि सरकार स्थिति को सक्रिय रूप से प्रबंधित कर रही है जबकि कांग्रेस ने जमीनी स्तर पर ईंधन की उपलब्धता पर सवाल उठाए।
कांग्रेस सांसद कार्ति चिदंबरम ने कहा अगर संकट नहीं है तो इसका असर जमीन पर दिखना चाहिए। उपभोक्ता को भरोसा होना चाहिए कि उन्हें मांग पर LPG पेट्रोल और डीजल मिलेंगे। अगर दबाव है तो प्रधानमंत्री के दावे सही नहीं हैं।
सांसद मनीष तिवारी ने सवाल उठाया कि होर्मुज जलडमरूमध्य को खोलने और आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए सरकार कब तक अस्थायी समाधान अपनाएगी। उन्होंने कहा कि आपात स्थिति से निपटने के लिए उत्पाद शुल्क कम करना और सीमा शुल्क हटाना जरूरी है। उधर कांग्रेस सांसद उज्ज्वल रमन सिंह ने कहा कि अप्रैल के बाद से हर चीज की कीमतों में बढ़ोतरी हुई है और चुनाव खत्म होने के बाद उर्वरक पेट्रोल और डीजल की कीमतें और बढ़ सकती हैं।