हाइसेंस ग्रुप इंडिया के सीईओ पंकज राणा ने बताया कि आने वाले समय में AI होम एप्लायंसेस की हर कैटेगरी में नजर आएगा। उन्होंने कहा कि हाइसेंस के अधिकांश टीवी में AI पहले से मौजूद है, जिससे यूजर को बेहतर विजुअल और ऑडियो एक्सपीरियंस मिलता है।
AC में AI का कमाल
पंकज राणा के मुताबिक, AC में AI यूजर के व्यवहार को समझकर कूलिंग अपने आप एडजस्ट करता है। इसमें वॉयस कंट्रोल और पावर सेविंग फीचर्स भी शामिल हैं। भारतीय गर्मी के हिसाब से ये फीचर्स 20–30 प्रतिशत तक एनर्जी की बचत कर सकते हैं। इसका मतलब है कि बिजली का बिल कम आएगा और AC की स्मार्ट परफॉर्मेंस भी बढ़ेगी।
ग्रीन मैन्युफैक्चरिंग में AI
AI सिर्फ प्रोडक्ट को स्मार्ट बनाने तक सीमित नहीं है। यह ग्रीन मैन्युफैक्चरिंग में भी मदद करता है। दुनिया भर में जीरो कार्बन फैक्ट्रियों में AI बेस्ड प्रोसेस का इस्तेमाल होता है। हाइसेंस ने भारत में मेक इन इंडिया के तहत लोकल असेंबली और ग्रीन सप्लाई चेन की शुरुआत की है। इससे एफिशिएंट प्रोडक्ट बनेंगे और इंपोर्ट पर निर्भरता कम होगी।
कॉपर की बढ़ती कीमत का असर
AC, TV और रेफ्रिजरेटर में कॉपर का इस्तेमाल ज्यादा होता है। AC में 100 प्रतिशत कॉपर ट्यूबिंग होती है, जिससे बेहतर हीट ट्रांसफर, मजबूती और लंबी लाइफ मिलती है। कॉपर की बढ़ती कीमतों की वजह से 5 स्टार AC की कीमत 7–8 प्रतिशत और 3 स्टार AC की कीमत 2–4 प्रतिशत बढ़ जाएगी।
लोकल प्रोडक्शन और आसान सर्विसिंग
हाइसेंस ने आंध्र प्रदेश के श्री सिटी में नए प्लांट में पायलट प्रोडक्शन शुरू किया है। इसमें लोकल कंपोनेंट्स का इस्तेमाल बढ़ेगा, सप्लाई चेन आसान होगी और डिलीवरी तेज होगी। साथ ही, स्क्रू फ्री प्लास्टिक लॉक डिजाइन से सर्विसिंग आसान होगी।
नई AC रेंज
2026 से लागू नए स्टैंडर्ड के अनुसार हाइसेंस ने AC का प्रोडक्शन शुरू किया है। नई रेंज में 1 टन, 1.5 टन और 2 टन कैपेसिटी के 10–12 मॉडल होंगे। इसमें 3 स्टार और 5 स्टार दोनों रेटिंग उपलब्ध हैं। इन्वर्टर टेक्नोलॉजी के जरिए बेहतर कूलिंग, कम आवाज और ज्यादा एनर्जी एफिशिएंसी मिलेगी।