Ladli Behna Yojana : मध्यप्रदेश की महिलाओं के लिए एक और खुशी का पल आ गया है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने बुधवार को सिवनी जिले के पॉलिटेक्निक कॉलेज मैदान में आयोजित भव्य राज्य-स्तरीय कार्यक्रम के दौरान लाड़ली बहना योजना की 30वीं किस्त जारी कर दी। इस बार पहली दफा लाभार्थी महिलाओं के बैंक खातों में 1250 रुपये के बजाय 1500 रुपये की बढ़ी हुई राशि हस्तांतरित की गई।
कुल 1 करोड़ 26 लाख से अधिक लाड़ली बहनों को 1857 करोड़ रुपये का लाभ पहुंचा, जो सिंगल क्लिक के माध्यम से डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर (DBT) से भेजा गया। यह वृद्धि कैबिनेट की हालिया बैठक में मंजूर की गई थी, जो महिलाओं के आर्थिक सशक्तिकरण को नई गति देगी।
विकास कार्यों का लोकार्पण और भूमिपूजन (Ladli Behna Yojana)
कार्यक्रम के दौरान सीएम यादव ने न केवल किस्त जारी की, बल्कि 560.75 करोड़ रुपये की लागत से बने 114 विकास परियोजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास भी किया। इनमें सड़कें, स्कूल, अस्पताल और सिंचाई जैसी महत्वपूर्ण योजनाएं शामिल हैं। विशेष रूप से, वर्चुअल तरीके से पेंच टाइगर रिजर्व के खवासा गेट पर कबाड़ से निर्मित दुनिया की सबसे बड़ी बाघ मूर्ति का अनावरण किया गया, जो पर्यावरण संरक्षण का प्रतीक बनेगी। सीएम ने कहा, “यह योजना हमारी बहनों की गरिमा और आत्मनिर्भरता को मजबूत करने का माध्यम है। आगे भी ऐसी पहलें जारी रहेंगी।”
राशि जांचने का आसान तरीका: पोर्टल पर अपडेट लें (Ladli Behna Yojana)
लाभार्थी महिलाएं cmladlibehna.mp.gov.in पोर्टल पर जाकर अपना स्टेटस चेक कर सकती हैं। ई-केवाईसी पूरा न करने वाली बहनों को तुरंत समग्र आईडी से लिंक कर लेना चाहिए, वरना भविष्य की किस्तें प्रभावित हो सकती हैं। योजना की शुरुआत मार्च 2023 में 1000 रुपये से हुई थी, जो सितंबर 2023 से 1250 रुपये हो गई। अब 1500 रुपये की यह वृद्धि 2028 तक 3000 रुपये तक पहुंचाने की दिशा में एक कदम है।
कटनी में दद्दाजी धाम का प्राण प्रतिष्ठापन: सीएम का अगला पड़ाव
किस्त वितरण के बाद मुख्यमंत्री कटनी रवाना हो गए, जहां झिंझरी स्थित दद्दाजी धाम में प्राण प्रतिष्ठा महोत्सव में शिरकत की। यह आयोजन धार्मिक और सांस्कृतिक महत्व का है, जिसमें हजारों श्रद्धालु शामिल हुए।
सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम (Ladli Behna Yojana)
दिल्ली में हाल ही हुए विस्फोट की घटना के मद्देनजर पूरे प्रदेश में पुलिस और प्रशासन हाई अलर्ट पर है। सिवनी कार्यक्रम में अतिरिक्त फोर्स तैनात की गई, साथ ही चाक-चौबंद सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित की गई। जिला प्रशासन ने किसी भी संभावित खतरे को टालने के लिए व्यापक तैयारी की, जिससे आयोजन शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हुआ।