नया डिजाइन और प्रीमियम फीचर्स
एसएवीडब्ल्यूआईपीएल के अनुसार, अपडेटेड टाइगुन में नया डिजाइन और बेहतर प्रीमियम फीचर्स शामिल हैं। इसे भारतीय ड्राइविंग परिस्थितियों के अनुरूप तैयार किया गया है, जबकि यूरोपीय ड्राइविंग डायनामिक्स, आराम और सुरक्षा मानकों पर भी विशेष ध्यान दिया गया है। इससे भारतीय ग्राहक उच्च गुणवत्ता और सुरक्षा के साथ आरामदायक अनुभव का लाभ उठा सकेंगे।
उत्पादन शुरू होने पर कंपनी की प्रतिक्रिया
कंपनी के प्रबंध निदेशक और सीईओ पीयूष अरोरा ने कहा, “नई फॉक्सवैगन टाइगुन का उत्पादन शुरू होना भारत में हमारे मैन्युफैक्चरिंग इकोसिस्टम की परिपक्वता को दर्शाता है। हमारी भारत स्थित इकाइयां अब वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धी वाहनों का उच्च स्तरीय स्थानीयकरण करने के लिए तैयार हैं। यह घरेलू और निर्यात दोनों बाजारों की जरूरतों को कुशलतापूर्वक पूरा करने में मदद करेगा।
एसयूवी पोर्टफोलियो में मजबूती
ब्रांड निदेशक नितिन कोहली ने कहा कि टाइगुन लॉन्च के बाद से ही कंपनी की एसयूवी रणनीति का केंद्र रही है और इसने कंपनी के पोर्टफोलियो को मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। उन्होंने यह भी जोड़ा कि चाकन प्लांट में उत्पादन भारतीय ग्राहकों के प्रति कंपनी की निरंतर प्रतिबद्धता को दर्शाता है।
बाजार में टाइगुन का प्रदर्शन
2021 में लॉन्च हुई टाइगुन ने प्रदर्शन, आराम और सुरक्षा पर ध्यान केंद्रित करते हुए बाजार में अपनी मजबूत पकड़ बनाई है। कंपनी के अनुसार, अब तक 1.43 लाख से अधिक यूनिट्स का उत्पादन हो चुका है, जिनमें से लगभग 30 प्रतिशत का निर्यात वैश्विक बाजारों में किया गया है।
पुणे प्लांट और कंपनी की स्थिति
पुणे स्थित यह कंपनी ऑडी, पोर्श, लैम्बोर्गिनी और बेंटले सहित फॉक्सवैगन समूह के छह ब्रांडों का भारत में संचालन करती है। कंपनी ने 25 वर्ष पूर्व भारत में परिचालन शुरू किया था और वर्तमान में चाकन और छत्रपति संभाजीनगर में दो विनिर्माण संयंत्र संचालित करती है, जिनकी संयुक्त वार्षिक उत्पादन क्षमता 3.15 लाख यूनिट्स है।
कर्मचारियों और ग्राहक सेवा नेटवर्क
वर्तमान में कंपनी के लगभग 700 ग्राहक संपर्क केंद्र हैं और लगभग 5,000 कर्मचारी कार्यरत हैं। इससे यह स्पष्ट है कि फॉक्सवैगन ने न केवल उत्पादन बढ़ाया है, बल्कि ग्राहक सेवा और रोजगार के अवसरों को भी मजबूती प्रदान की है।