Mauganj Violence : जबलपुर के मध्यप्रदेश हाईकोर्ट में मऊगंज हिंसा की सीबीआई जांच की मांग वाली जनहित याचिका पर सुनवाई हुई। चीफ जस्टिस संजीव सच्चदेवा और जस्टिस विनय सराफ की बेंच ने राज्य सरकार को स्टेटस रिपोर्ट देने के आदेश दिए।
याचिका रीवा के हनुमना से पूर्व विधायक सुखेंद्र सिंह बन्ना की ओर से दाखिल की गई। इसमें मऊगंज के गड़रा गांव में आदिवासी परिवारों की जमीन खाली कराने के नाम पर भू-माफिया द्वारा मारपीट का जिक्र है। विवाद ने हिंसक रूप ले लिया। उपद्रव में एक एएसआई की मौत हो गई।
याचिका में आरोप है कि माफिया ने कई आदिवासियों की हत्या कर दी। एक ही परिवार के तीन सदस्य मारे गए। कुल आधा दर्जन मौतें हुईं। डेढ़ से दो सौ आदिवासी परिवार घर-बार छोड़कर गायब हो गए। इनकी तलाश में शिकायतें दी गईं, लेकिन कोई कार्रवाई न हुई।
याचिका में गृह विभाग के प्रमुख सचिव, डीजीपी, आईजी रीवा, कलेक्टर व एसपी मऊगंज, केंद्र के गृह मंत्रालय व सीबीआई को पक्षकार बनाया गया। बेंच ने नोटिस जारी कर अगली सुनवाई 19 नवंबर तय की। याचिकाकर्ता की ओर वकील काजी फखरुद्दीन ने पैरवी की।