मंदिर रायसेन जिला मुख्यालय से लगभग 28 किलोमीटर दूर भोजपुर विधानसभा के ग्राम गुदावल में स्थित है। यहां कहा जाता है कि मां कंकाली के दरबार में आने वाले भक्तों की हर मनोकामना पूरी होती है।
सपने से मंदिर की स्थापना
ग्रामीणों के अनुसार गांव के पटेल हरलाल मीणा को मां ने सपना दिखाया कि इस स्थान पर खुदाई करके उनकी मूर्ति निकाली जाए। सन 1731 में हरलाल मीणा ने खुदाई कराई जिसमें मां कंकाली के साथ ब्रह्मा विष्णु और महेश की मूर्तियाँ भी मिलीं। माता कंकाली की मूर्ति को उसी स्थान पर विराजमान किया गया और तब से यह मंदिर भक्तों की मनोकामनाएँ पूरी करता आ रहा है।
चोरों की आंखों की रोशनी चली गई
कहा जाता है कि एक बार मंदिर में चोरी करने वाले चोरों की आंखों की रोशनी चली गई। जब उन्होंने मंदिर में आकर अपनी गलती मानी और मां कंकाली के दरबार में माफी मांगी तभी उनकी दृष्टि वापस आई।
111 साल से जलती अखंड ज्योत
मंदिर के पुजारी बताते हैं कि यहां आने वाली महिलाओं की गोद सूनी नहीं रहती। लोग अपने बिगड़े कामों की हाजिरी देने और मन्नत पूरी होने पर धन्यवाद देने भी यहां आते हैं। इस मंदिर में लगभग 111 साल से लगातार जल रही अखंड ज्योत इस स्थान की पवित्रता का प्रतीक मानी जाती है। यह मंदिर न केवल धार्मिक महत्व रखता है बल्कि चमत्कारी घटनाओं और भक्तों की आस्था के कारण भी प्रसिद्ध है।