भोपाल। मध्यप्रदेश विधानसभा का बजट सत्र सोमवार से हंगामेदार रहा। सत्र की शुरुआत में संपूर्ण छह छंदों में “वंदे मातरम्” का गायन हुआ, इसके बाद राज्यपाल मंगुभाई पटेल ने अपना अभिभाषण प्रस्तुत किया। अभिभाषण के दौरान विपक्ष ने हंगामा किया, जिससे कार्यवाही अगले दिन तक स्थगित कर दी गई।
अभिभाषण और हंगामा
राज्यपाल ने अपने भाषण में देश की वर्तमान स्थिति को “अमृत काल” बताया और उद्योगों के अनुकूल वातावरण, भोपाल में हुई ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट, वर्ष 2047 तक मध्यप्रदेश की 2 ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था बनने के लक्ष्य, 2026 को कृषि वर्ष के रूप में मनाने, पीएम जनमन योजना के तहत 1.35 लाख आवास निर्माण, उज्जैन में शिप्रा नदी को प्रदूषण मुक्त करने और नई शिक्षा नीति के तहत किए गए कार्यों का उल्लेख किया।
इसी दौरान नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने हस्तक्षेप करते हुए कहा कि नल-जल योजना और इंदौर में दूषित पानी से हुई मौतों का मुद्दा अभिभाषण में शामिल नहीं किया गया। इसके बाद विपक्ष ने नारेबाजी शुरू कर दी। हंगामे के बीच राज्यपाल ने अपना अभिभाषण जारी रखा।
राज्यपाल के सदन से जाने के बाद कार्यवाही पुनः शुरू हुई, जहां विधानसभा अध्यक्ष नरेंद्र सिंह तोमर ने कहा कि जो हिस्सा पढ़ा नहीं जा सका, उसे पढ़ा हुआ माना जाएगा। इसके बाद सदन की कार्यवाही अगले दिन तक स्थगित कर दी गई।
सत्र का विस्तृत कार्यक्रम
बजट सत्र 16 फरवरी से 6 मार्च तक चलेगा। पहले दिन राज्यपाल का अभिभाषण हुआ। इस सत्र में कुल 3478 प्रश्न, 236 ध्यानाकर्षण, 10 स्थगन प्रस्ताव, 41 अशासकीय संकल्प और शून्यकाल में 83 सवाल विधानसभा में प्रस्तुत किए जाएंगे।