MP News : भोपाल। मध्यप्रदेश में भाजपा की मोहन यादव सरकार और कांग्रेस की नई टीम को दो साल पूरे होने पर सियासी बहस छिड़ गई है। कांग्रेस ने दावा किया कि प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी, नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार और उपनेता प्रतिपक्ष हेमंत कटारे के नेतृत्व में उन्होंने जनता के मुद्दों को मजबूती से उठाया है। उन्होंने सड़क से लेकर विधानसभा तक सरकार की वादाखिलाफी के खिलाफ संघर्ष किया और हर जिले में दो-दो बार दौरा कर लोगों से जुड़े।
दलों के सामने बड़ी चुनौतियां (MP News)
पूर्व मंत्री, सज्जन वर्मा ने कहा कि, दिसंबर का सर्द महीना मध्य प्रदेश की सियासत में काफी गरमा गर्मी वाला साबित हो रहा है। दरअसल मध्य प्रदेश में भाजपा की मोहन सरकार और विपक्ष यानी कि कांग्रेस की नई टीम को 2 साल पूरे हो गए हैं। इस दौरान दोनों ही दलों के सामने बड़ी चुनौतियां रही है। कांग्रेस का कहना है कि नए प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी और नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ,उप नेता प्रतिपक्ष हेमंत कटारे के नेतृत्व में हमने जनता के मुद्दों को जोर-जोर से उठाया। सड़क से लेकर सदन तक सरकार की वादा खिलाफी को लेकर लड़ाई लड़ी। हमारे नेता हर जिले में दो-दो बार दौरे कर चुके हैं। पूर्व मंत्री सज्जन वर्मा ने कहा हम हमारी नई टीम को 100 में से 100 नंबर देते हैं लेकिन भाजपा की सरकार पर जो जनता ने भरोसा जताया था उसे पर सरकार बिल्कुल खरी नहीं उतरी इसलिए उन्हें 0 नंबर दिए जाने चाहिए ।
वहीं, भाजपा ने पलटवार करते हुए कहा कि मोहन सरकार ने प्रदेश को विकास के नए आयाम दिए हैं और अपराधियों के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति अपनाई है। कांग्रेस ने अच्छे विपक्ष की भूमिका तक नहीं निभाई और जनहित के मुद्दों पर कोई सकारात्मक योगदान नहीं दिया। भाजपा प्रवक्ता राजपाल सिसोदिया ने कहा कि कांग्रेस अपनी जिम्मेदारी से भागती रही।