MP News : जबलपुर। मध्यप्रदेश हाईकोर्ट ने पर्यावरण संरक्षण के प्रति सख्त रुख बरकरार रखते हुए प्रदेश में NGT कमेटी की अनुमति के बिना एक भी पेड़ न काटने के आदेश को कायम रखा है। स्ट्रैटटेक मिनरल रिसोर्सेज प्राइवेट लिमिटेड की धिरौली कोल ब्लॉक याचिका पर सुनवाई में कोर्ट ने कंपनी को राहत देने से इनकार कर दिया और मामला नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (NGT) में उठाने का निर्देश दिया।
कंपनी ने याचिका में धिरौली कोल ब्लॉक प्रोजेक्ट में पेड़ कटाई पर किसी तरह के हस्तक्षेप न करने की मांग की थी। सुनवाई में खुलासा हुआ कि अब तक इस प्रोजेक्ट के लिए करीब 20 हजार पेड़ काटे जा चुके हैं, जबकि आगे 6 लाख पेड़ों की कटाई का प्रस्ताव है। कंपनी ने दलील दी कि कोल ब्लॉक वन क्षेत्र में आता है, इसलिए हस्तक्षेप नहीं होना चाहिए।
बहस के बाद कंपनी ने याचिका वापस ले ली और कहा कि मामला NGT के समक्ष प्रस्तुत करेंगे। हस्तक्षेपकर्ताओं ने NGT द्वारा गठित कमेटी की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए और आरोप लगाया कि NGT के स्पष्ट निर्देशों के बावजूद नियमों के खिलाफ अंधाधुंध पेड़ कटाई जारी है। हाईकोर्ट ने कहा कि यह मुद्दा NGT में ही उठाया जाए और जरूरत पड़े तो वहां अवमानना याचिका दायर की जा सकती है। मामले की अगली सुनवाई 14 जनवरी को होगी।
पेड़ कटाई पर हाईकोर्ट की सख्ती जारी (MP News):
हाईकोर्ट कई मामलों में पेड़ कटाई पर स्वत: संज्ञान ले रहा है। भोपाल के पास भोजपुर-बैरसिया सड़क निर्माण में बिना अनुमति सैकड़ों पेड़ काटे जाने पर जनहित याचिका के रूप में सुनवाई हुई। सागर कलेक्ट्रेट में दो अतिरिक्त कक्ष बनाने के लिए 10 घंटे में एक हजार पेड़ काटने की खबर पर संज्ञान लिया गया है। भोपाल में MLA क्वार्टर्स प्रोजेक्ट में अब तक 112 पेड़ काटे गए, 132 और काटने प्रस्तावित हैं।