MP News : भोपाल। मध्य प्रदेश की राजधानी में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) प्रक्रिया के बीच एक चिंताजनक घटना ने राजनीतिक हलचल मचा दी है। SIR कार्य में लगी BLO (बूथ लेवल ऑफिसर) कीर्ति कौशल को अचानक हार्ट अटैक आ गया, जिसके बाद उन्हें तुरंत अस्पताल में भर्ती कराया गया। डॉक्टरों की कड़ी निगरानी में उनका इलाज जारी है। घटना की जानकारी मिलते ही SDM अर्चना शर्मा अस्पताल पहुंचीं और कीर्ति की हालत का जायजा लिया। इस घटना ने SIR प्रक्रिया पर सवाल खड़े कर दिए हैं, जहां BLOs पर कथित दबाव की खबरें पहले से ही आ रही थीं।
भविष्य में कार्रवाई का डर BLOs पर ही आएगा (MP News)
घटना के बाद राजनीति गरम हो गई। प्रदेश कांग्रेस कमेटी (PCC) के अध्यक्ष जीतू पटवारी ने सरकार पर सीधा हमला बोला और SIR की समय सीमा बढ़ाने की मांग की। पटवारी ने कहा, “मध्य प्रदेश में BLOs पर जबरन नाम काटने का दबाव डाला जा रहा है। इस तनाव से BLOs की सेहत खतरे में पड़ रही है। अगर पात्र मतदाताओं के नाम गलत तरीके से हटाए गए, तो भविष्य में कार्रवाई का डर BLOs पर ही आएगा।” उन्होंने BJP नेताओं को घेरते हुए सवाल किया, “घुसपैठियों के नाम हटाने की बात तो करते हो, लेकिन पिछले 10 साल से केंद्र में तुम्हारी ही सरकार है। अगर घुसपैठ हुई तो जिम्मेदारी किसकी?”
निष्पक्ष काम करने के लिए समयसीमा बढ़ाने का अनुरोध (MP News)
पटवारी ने चेतावनी दी कि कांग्रेस SIR प्रक्रिया की कमियों को उजागर करने के लिए राज्यव्यापी आंदोलन करेगी। उन्होंने चुनाव आयोग को लिखित शिकायत भेजी है, जिसमें BLOs को बिना दबाव के निष्पक्ष काम करने के लिए समयसीमा बढ़ाने का अनुरोध किया गया है। पटवारी का कहना है कि पुरानी मतदाता सूचियां चल रही हैं, नए नाम जुड़ नहीं पा रहे और फॉर्म वितरण में देरी हो रही है। इससे लाखों पात्र मतदाता वंचित हो सकते हैं।
यह घटना SIR प्रक्रिया की कमियों को उजागर करती है, जो 12 राज्यों में चल रही है। अन्य राज्यों जैसे राजस्थान, गुजरात में भी BLOs पर दबाव की खबरें आई हैं, जहां काम के बोझ से दो BLOs की मौत हो चुकी है। मध्य प्रदेश में SIR के खिलाफ पहले से ही याचिकाएं हाईकोर्ट में लंबित हैं। सरकार ने अभी तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं दी है लेकिन पटवारी के बयान ने विपक्ष को मजबूती दे दी है।