MP News : मंदसौर। मध्यप्रदेश के प्याज पट्टे कहे जाने वाले मंदसौर जिले में किसानों का गुस्सा सातवें आसमान पर है। सोमवार को धमनार में किसानों ने अनोखे तरीके से विरोध जताया – प्याज की अर्थी सजाई, कंधों पर उठाई और बैंड-बाजे के साथ पूरे गांव में अंतिम यात्रा निकाली। यात्रा में रघुपति राघव राजा राम की धुन बजती रही और लोग भगवान से यही दुआ मांगते रहे कि “हे प्रभु, प्याज को अच्छा भाव दे दो।”
अंत में श्मशान घाट पहुंचकर प्याज की अर्थी को विधिवत मुखाग्नि दी गई। इसके बाद किसानों ने धुंधड़का तहसीलदार को राष्ट्रपति और राज्यपाल के नाम ज्ञापन सौंपा, जिसमें प्याज के न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) की घोषणा और तत्काल खरीदी की मांग की गई।
किसान खेत में रोटावेटर चलाकर प्याज नष्ट कर रहे (MP News)
पिछले साल नवंबर में प्याज 25-30 रुपये किलो बिक रही थी, इस साल 1 से 2 रुपये किलो भी नहीं मिल रहा। ट्रांसपोर्ट खर्च भी नहीं निकल रहा, कई किसान मजबूरन खेत में रोटावेटर चलाकर प्याज नष्ट कर रहे हैं ताकि अगली फसल की बुवाई कर सकें।
मंडी में बोली ही नहीं लग रही, व्यापारी माल नहीं उठा रहे
किसान नेता कैलाश चौहान ने कहा, “हमने खून-पसीना एक करके प्याज उगाई, लेकिन सरकार ने हमें सड़क पर ला दिया। प्याज की अर्थी निकालकर हमने अपना दर्द दिखाया है। अगर जल्दी राहत नहीं मिली तो बड़ा आंदोलन होगा।”
मंदसौर-नीमच क्षेत्र में इस साल रिकॉर्ड प्याज उत्पादन हुआ है, लेकिन बंपर फसल ने ही किसानों की कमर तोड़ दी। राज्य सरकार ने अभी तक प्याज के लिए MSP या खरीदी की कोई घोषणा नहीं की है। किसानों ने चेतावनी दी है कि अगर जल्द कोई ठोस कदम नहीं उठा तो वे सड़कों पर उतरेंगे।