MP News : इंदौर। मध्यप्रदेश के गुटखा कारोबारी किशोर वाधवानी पर जीएसटी विभाग ने 1946 करोड़ रुपये की रिकॉर्ड डिमांड जारी कर दी है। यह राज्य में किसी एक व्यापारी के खिलाफ अब तक की सबसे बड़ी टैक्स कार्रवाई है। 2017 से 2020 के बीच सिगरेट व पान मसाला के कारोबार के बहाने बिना लाइसेंस वाली फैक्ट्रियों से उत्पादन, फर्जी फर्मों के माध्यम से सप्लाई, बिना बिल की बिक्री और गलत इनपुट टैक्स क्रेडिट के जरिए करोड़ों की चोरी की गई।
2019 की रेड से खुलासा (MP News)
यह घोटाला 2019 में डीजीजीआई के “ऑपरेशन कर्क” अभियान में सामने आया। तब वाधवानी के कई ठिकानों पर छापे पड़े थे। जब्त दस्तावेजों, हार्ड डिस्क, मोबाइल डेटा, बैंक ट्रांजेक्शन और रजिस्टरों की छानबीन से नकली बिल, बेनामी लेन-देन और परतदार कंपनियों का जाल उजागर हुआ। एलोरा टोबैको जैसी कंपनियां भी अब घेरे में हैं।
वसूली की प्रक्रिया शुरू (MP News)
डिमांड ऑर्डर जारी होते ही रिकवरी की तैयारी हो रही है। समयसीमा में राशि न जमा होने पर संपत्ति कुर्की, खाते सील और माल जब्तगी संभव है। विभाग ने चेतावनी दी है कि टैक्स चोरी करने वाले चाहे कितने बड़े हों, बच नहीं पाएंगे।
व्यापार जगत में हड़कंप (MP News)
यह कार्रवाई इंदौर से लेकर पूरे प्रदेश में चर्चा का विषय बन गई है। विशेषज्ञ इसे “मिसाल कायम करने वाली” बता रहे हैं। वाधवानी की ओर से अभी कोई प्रतिक्रिया नहीं आई, लेकिन आगे खुलासों की संभावना बनी हुई है। विभाग का कहना है कि ऐसी कार्रवाइयां भविष्य में भी जारी रहेंगी।