MP News : इंदौर। देश के सबसे स्वच्छ शहर की चमक फीकी पड़ गई है। विधानसभा क्षेत्र-1 के भागीरथपुरा में एक सप्ताह से नलों में गंदा पानी आने की शिकायत के बाद अब दूषित पानी ने बड़ा कहर बरपाया है। इलाके में डेढ़ सौ से ज्यादा लोग बीमार पड़ गए। 40 से अधिक मरीजों को शहर के 7-8 अस्पतालों में भर्ती कराया गया है। तीन लोगों की मौत की खबर से दहशत फैल गई है।
मौतों की पुष्टि (MP News) :
– उर्मिला यादव (चोइथराम अस्पताल में मौत)
– नंदराम पाल (वरमा नर्सिंग होम)
– सीमा प्रजापत (अस्पताल ले जाते वक्त मौत)
स्वास्थ्य विभाग ने अभी दो मौतों की पुष्टि की है। CMHO डॉ. माधव हसानी ने कहा कि मौतें डायरिया से नहीं हुईं, अलग कारण हैं। लेकिन दूषित पानी को बीमारी की वजह माना है।
प्रशासन की कार्रवाई (MP News)
CM डॉ. मोहन यादव ने सभी मरीजों का फ्री इलाज कराने के निर्देश दिए। नगरीय प्रशासन मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने सोमवार रात अस्पतालों का दौरा किया, मरीजों का हाल जाना। महापौर पुष्यमित्र भार्गव भी साथ थे। 25 डॉक्टरों की टीम घर-घर स्क्रीनिंग कर रही। 1100 घरों में ORS, क्लोरीन और जिंक टैबलेट बांटे गए। अगले 2 दिन में बोरिंग से पानी सप्लाई के आदेश।
मंत्री विजयवर्गीय ने कहा कि जांच कराई जाएगी और जिम्मेदारों पर कार्रवाई होगी। क्षेत्र में पानी के सैंपल लिए गए हैं।
भागीरथपुरा में 50-60 हजार की आबादी है। लोग एक सप्ताह से गंदे पानी की शिकायत कर रहे थे। अब उल्टी-दस्त और पेट दर्द के मरीज बढ़ गए हैं। स्वच्छ शहर की यह तस्वीर शर्मनाक है। प्रशासन ने राहत कार्य तेज कर दिए हैं, लेकिन लोगों में गुस्सा है कि पहले शिकायतों पर ध्यान क्यों नहीं दिया गया।