MP News : सुप्रीम कोर्ट ने गुरुवार को मध्य प्रदेश के DGP को 27 साल के आदिवासी आदमी नीलेश आदिवासी की मौत की जांच के लिए तीन सदस्यों वाली स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम (SIT) बनाने का निर्देश दिया।
निष्पक्षता सुनिश्चित करने की कोशिश (MP News):
चीफ जस्टिस सूर्यकांत और जस्टिस जॉयमाल्या बागची की डिवीजन बेंच ने आदेश दिया कि SIT दो दिनों के अंदर बनाई जाए। इसमें राज्य कैडर के दो SSP-लेवल के अधिकारी होंगे जो मध्यप्रदेश के मूल निवासी नहीं हैं, ताकि घटना के अलग-अलग बयानों को देखते हुए निष्पक्षता सुनिश्चित की जा सके।
तेजी से जांच करने के आदेश (MP News):
बेंच ने कहा कि तीसरा सदस्य एक महिला डिप्टी SP होनी चाहिए। SIT को मामले की तेजी से जांच करने और बेहतर होगा कि एक महीने के अंदर जांच पूरी करने के लिए कहा गया है। मामले में पेश हुईं SC की वकील तान्या अग्रवाल ने फ्री प्रेस को बताया कि SIT मृतक के परिवार वालों द्वारा पेश किए गए दोनों बयानों की जांच करेगी।
SIT उन दूसरी संभावनाओं पर भी विचार करेगी जिनकी वजह से पीड़ित की दुर्भाग्यपूर्ण मौत हुई हो, खासकर इसलिए क्योंकि कोई सुसाइड नोट बरामद नहीं हुआ है। उन्होंने कहा, “SIT तुरंत यह पक्का करेगी कि कमज़ोर गवाह, खासकर मृतक की विधवा, किसी के असर में न आएं।”