MP Politics : भोपाल। मध्यप्रदेश में कांग्रेस विधायक आरिफ मसूद के वंदे मातरम न गाने वाले बयान पर बीजेपी ने तीखा सियासी हमला बोला है। बीजेपी प्रवक्ता डॉ. गुलरेज शेख ने कहा कि मौलाना आजाद ने वंदे मातरम दिया था, जो हमारा राष्ट्रीय गीत है और संविधान सभा से बना है, जहां मौलाना आजाद मौजूद थे। ऐसे में जो लोग ये बातें कह रहे हैं, वे मौलाना आजाद से न ज्ञान में, न राष्ट्रवाद में और न ही इस्लामिक ज्ञान में बड़े हैं।
वोट के लिए चुनरी क्यों ओढ़ लेते हैं? (MP Politics)
वहीं, बीजेपी विधायक रामेश्वर शर्मा ने कहा कि आरिफ मसूद जैसे लोगों को कान खोलकर सुन लेना चाहिए कि अगर उनका मजहब वंदे मातरम गाने से मना करता है, तो वोट के लिए चुनाव के समय बिना नहाए मंदिर जाकर पूजा की थाली क्यों पकड़ लेते हैं, लंबा त्रिपुंड क्यों लगवा लेते हैं? उनके मजहब में मूर्ति पूजा मना है, तो फिर वोट के लिए चुनरी क्यों ओढ़ लेते हैं और देवी जागरण में क्यों जाते हैं? ये लोग सुधर नहीं सकते, जिन्ना की मानसिकता लेकर चल रहे हैं।
स्वार्थ से हिंदुस्तान का विभाजन हुआ (MP Politics)
वोट के लिए मंदिरों में घुस रहे हैं, लेकिन राष्ट्रगीत गाने, राष्ट्रगान गाने या भारत माता की जय बोलने के लिए उनका मजहब मना कर रहा है? धन्य हैं ऐसे मजहब के मानने वाले! ये लोग मजहब से ही बेईमानी करने वाले स्वार्थी हैं और इसी स्वार्थ से हिंदुस्तान का विभाजन हुआ था। पहले जिन्ना का स्वार्थ आगे आया और देश का बंटवारा हुआ, और आज ये कांग्रेसी वंदे मातरम की 150वीं वर्षगांठ पर इसे गाने से मना कर रहे हैं। इसका मतलब है कि ये सुधर नहीं सकते और अभी भी जिन्ना की मानसिकता लेकर चल रहे हैं। अब हिंदुस्तानियों को सोचना है कि जो राष्ट्रगान और राष्ट्रगीत न गाए, जो भारत माता की जय न बोल पाए, वो भारत माता के प्रति वफादार होगा या पाकिस्तान के टुकड़ों पर पलने का काम करेगा?