MP Politics : मध्यप्रदेश। अपने बयानों को लेकर पहले ही विवादों में रह चुके आदिवासी विकास मंत्री विजय शाह (Tribal Development Minister Vijay Shah) ने एक बयान देकर नया विवाद खड़ा कर दिया है। शुक्रवार को जबलपुर में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में शाह ने कहा कि धर्मांतरण सरकार का मुद्दा नहीं होना चाहिए। शाह के इस बयान का विभिन्न हिंदू संगठनों ने विरोध किया।
राज्य में धर्मांतरण रोकने के लिए सरकार ने मध्य प्रदेश धर्म स्वतंत्रता अधिनियम, 2021 लागू किया है। इस अधिनियम के अनुसार, धर्मांतरण की कोशिश करने वाले को दंडित किया जाएगा।
आरएसएस लंबे समय से धर्मांतरण के खिलाफ काम कर रहा (MP Politics) :
राज्य में इस अधिनियम के तहत कई मामले दर्ज किए गए थे। अब, मंत्री ने एक अजीबोगरीब बयान दिया है। आरएसएस लंबे समय से धर्मांतरण के खिलाफ काम कर रहा है। कई अन्य सामाजिक संगठन भी इस दिशा में काम कर रहे हैं।
संगठन के पदाधिकारियों ने शाह से माफ़ी मांगने की मांग की है। करणी सेना के प्रदेश अध्यक्ष इंदल सिंह राणा ने कहा कि शाह अपना मानसिक संतुलन खो चुके हैं।
सरकार इससे दूर नहीं रह सकती (MP Politics) :
राणा के अनुसार, धर्मांतरण कोई व्यक्तिगत एजेंडा नहीं हो सकता, क्योंकि यह समाज और देश का मामला है; सरकार इससे दूर नहीं रह सकती। हिंदू उत्सव समिति के अध्यक्ष चंद्रशेखर तिवारी ने भी शाह के बयान को अनुचित बताया।
उन्होंने कहा कि बड़ी संख्या में लोग धर्मांतरण के खिलाफ काम कर रहे हैं। उन्होंने आगे कहा कि मंत्री का यह बयान लव जिहाद की बढ़ती घटनाओं के मद्देनजर आया है।