MP Weather Update : मध्यप्रदेश इन दिनों जबरदस्त ठंड की चपेट में है। उत्तर से आ रही बर्फीली हवाओं ने पूरे राज्य को ठिठुरने पर मजबूर कर दिया है। शनिवार को एक साथ 26 से ज्यादा शहरों में रात का तापमान 10 डिग्री से नीचे चला गया। करीब 15 दिन के छोटे से अंतराल के बाद एक बार फिर शीतलहर और कोल्ड-डे जैसी स्थिति लौट आई है। मौसम विभाग ने अगले दो दिनों तक कई जिलों में शीतलहर का येलो अलर्ट जारी किया हुआ है।
रविवार-सोमवार को और सताएगी ठंड (MP Weather Update) :
मौसम केंद्र भोपाल के अनुसार रविवार को भोपाल, सीहोर, राजगढ़ और शाजापुर में तेज़ ठंडी हवाएँ चलेंगी। सोमवार को इनके अलावा सिवनी और शहडोल में भी कोल्ड वेव चलने की आशंका है। हवा की रफ्तार जैसे-जैसे बढ़ेगी, ठिठुरन भी उतनी ही बढ़ती जाएगी।
पहाड़ों पर बर्फबारी, मैदान में कंपकंपी (MP Weather Update) :
वरिष्ठ मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि हाल में सक्रिय हुए पश्चिमी विक्षोभ की वजह से हिमाचल, उत्तराखंड और जम्मू-कश्मीर में अच्छी-खासी बर्फबारी हुई। अब वहीं से निकली बर्फीली हवाएँ सीधे मध्यप्रदेश में दाखिल हो रही हैं। पिछले 48-72 घंटों से यही हवाएँ प्रदेश को ठंड से बेहाल कर रही हैं।
ग्वालियर-चंबल और उज्जैन-सागर में ठण्ड ज्यादा (MP Weather Update) :
बीते दो दिनों से ग्वालियर-चंबल, उज्जैन और सागर संभाग सबसे ज्यादा ठंड झेल रहे हैं। यहाँ दिन और रात दोनों में तापमान सामान्य से काफी नीचे बना हुआ है।
इस सीजन की सबसे ठंडी रातें (MP Weather Update) :
इस बार दिसंबर की शुरुआत में ही रातें रिकॉर्डतोड़ ठंडी साबित हो रही हैं। शनिवार की सुबह शहडोल संभाग के कल्याणपुर में न्यूनतम तापमान सिर्फ 4.0 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। उमरिया में 4.8, राजगढ़ में ठीक 5 डिग्री रहा। बड़े शहरों में इंदौर सबसे ठंडा रहा जहाँ पारा 6.2 डिग्री तक लुढ़का। ग्वालियर में 7.6 और भोपाल में 8.2 डिग्री के साथ लोग रजाई में दुबकने को मजबूर हैं।
दिन में भी नहीं मिल रही राहत (MP Weather Update) :
रात के साथ-साथ दिन भी सुस्त और ठंडे रहे। ज्यादातर शहरों में अधिकतम तापमान 25 डिग्री से नीचे ही रहा। बालाघाट का मलाजखंड दिन में सबसे ठंडा रहा, यहाँ पारा सिर्फ 21.7 डिग्री तक पहुँच पाया। धूप निकलने के बावजूद हवा में ठंडक घुली हुई थी।
मौसम विशेषज्ञों का मानना है कि इस साल सर्दी सामान्य से कहीं ज्यादा पड़ने वाली है। भोपाल में नवंबर में ही 84 साल पुराना रिकॉर्ड टूट चुका है तो इंदौर में पिछले 25 साल में इतनी जल्दी और इतनी ठंड कभी नहीं पड़ी। दिसंबर और जनवरी में अभी और शीतलहर के साथ मावठे की भी संभावना बनी हुई है।