MP Weather Update : भोपाल। इस साल मध्यप्रदेश में असामान्य रूप से कड़ाके की ठंड पड़ रही है, जिससे ठंड ने कई पुराने रिकॉर्ड तोड़ दिए हैं। इंदौर में रातें पिछले 10 सालों में सबसे ठंडी हैं, और गुरुवार-शुक्रवार की रात शहर में न्यूनतम तापमान 5.2°C दर्ज किया गया – जो राज्य के एकमात्र हिल स्टेशन पचमढ़ी के बराबर है।
हालांकि अगले तीन दिनों के लिए कोई शीतलहर का अलर्ट नहीं है, लेकिन ठंड की स्थिति जारी रहने की उम्मीद है।
भोपाल का न्यूनतम तापमान 6.5°C (MP Weather Update)
कई शहरों में न्यूनतम तापमान 5°C के करीब दर्ज किया गया। इंदौर के साथ-साथ राजगढ़ में भी 5.2°C दर्ज किया गया। भोपाल का न्यूनतम तापमान 6.5°C, ग्वालियर 9.1°C, उज्जैन 9°C और जबलपुर 8.4°C रहा।
IMD भोपाल के अनुसार, ग्लोबल मौसम मॉडल ने पहले ही संकेत दिया था कि इस साल ला नीना सक्रिय रहेगा। ला नीना का मतलब प्रशांत महासागर का ठंडा होना है। जब समुद्र का तापमान गिरता है, तो ठंडी हवाएं एशिया और भारत की ओर बढ़ती हैं। यह वही ठंडी हवाओं का सिस्टम है जिसने नवंबर से मध्य भारत को अपनी चपेट में ले रखा है।
अधिकांश शहरों में तापमान 10°C से नीचे (MP Weather Update)
मौसम विभाग के अनुसार, राज्य के अधिकांश शहरों में तापमान 10°C से नीचे दर्ज किया गया। नौगांव में 6.4°C, उमरिया 6.6°C, रीवा 7°C, मलाजखंड 7.2°C, मंडला 7.6°C, रायसेन, शिवपुरी और नरसिंहपुर 8°C, बैतूल 8.5°C, छिंदवाड़ा और खजुराहो 9°C, सतना 9.1°C, टीकमगढ़ और रतलाम 9.5°C, दमोह 9.8°C और दतिया 9.9°C दर्ज किया गया।
मध्य प्रदेश में शीतलहर का संबंध उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश और जम्मू-कश्मीर जैसे पहाड़ी राज्यों में भारी बर्फबारी से है। उत्तराखंड में नदियां, झरने और जलप्रपात जम गए हैं, और कई जगहों पर तापमान शून्य से नीचे चला गया है। एक और बड़ा कारण उत्तरी भारत के ऊपर एक्टिव जेट स्ट्रीम है। यह तेज़ चलने वाली हवा, जो लगभग 12.6 किलोमीटर की ऊंचाई पर लगभग 200-220 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से बह रही है, मध्य प्रदेश सहित मैदानी इलाकों में बर्फीली हवाएँ ला रही है।
मौसम विशेषज्ञों का कहना है कि तापमान में अचानक गिरावट का एक मुख्य कारण जेट स्ट्रीम है। इस साल की सर्दी बहुत ज़्यादा तेज़ रही है। भोपाल में नवंबर की ठंड ने 84 साल पुराना रिकॉर्ड तोड़ दिया है, जबकि इंदौर में 25 सालों में सबसे ठंडी सर्दी पड़ी है। इंदौर में दिसंबर की ठंड ने भी 10 साल का रिकॉर्ड तोड़ दिया है।
आने वाले दिनों में मौसम का अनुमान (MP Weather Update)
मौसम के ट्रेंड के अनुसार, दिसंबर में आमतौर पर तेज़ पश्चिमी विक्षोभ इस क्षेत्र को प्रभावित करते हैं, और ठंडी उत्तरी हवाओं के कारण तापमान और गिर जाता है। इस साल भी इसी तरह का पैटर्न रहने की उम्मीद है।
ग्वालियर, चंबल और उज्जैन संभाग के जिलों में ठंड सबसे ज़्यादा तेज़ रहने की संभावना है, जहाँ बर्फीली हवाएँ सीधे इस क्षेत्र को प्रभावित करेंगी। भोपाल संभाग में, सीहोर और विदिशा में कड़ाके की ठंड पड़ेगी। निवाड़ी, छतरपुर, टीकमगढ़, पन्ना, मऊगंज, सीधी और सिंगरौली में भी बहुत ज़्यादा ठंड रहने की उम्मीद है। जबलपुर संभाग में मंडला और डिंडोरी, और इंदौर संभाग में इंदौर, धार और झाबुआ में कड़ाके की सर्दी पड़ेगी।
मौसम विशेषज्ञों का अनुमान है कि दिसंबर में कई शहरों में शीतलहर की स्थिति बन सकती है, जबकि जनवरी में शीतलहर 20 से 22 दिनों तक रह सकती है।