पलक मुच्छल (पलक मुच्छल) का प्रसिद्ध गायक
अपने करियर की शुरुआत पला मुचल ने बचपन से ही कर ली थी। उन्होंने 4 साल की उम्र में भजन और देशभक्त गीत गाना शुरू कर दिया था। 1999 के कारगिल युद्ध के दौरान उन्होंने स्टेज शो करके मृतकों के परिजनों को धन मुहैया कराया, जिससे उन्हें पहचान मिली। इसके बाद उन्होंने जर्नलिस्ट में कई चैरिटी कॉन्सर्ट किए। उनकी प्रतिभा को देखते हुए उन्हें बॉलीवुड में गानों का मौका मिला और उन्होंने फिल्मों में अपनी सुरीली आवाज से खास पहचान बनाई। उनकी मेहनत और लगन ने उन्हें एक सफल गायक बना दिया।
पला मुच्छल के गाने
सिंगर ने कई बेहतरीन गाने बनाए हैं। जैसे चाहूं मैं या ना, कौन हूं, मेरी आशिकी, ‘सनम तेरी कलम’, ‘इक मुलाकात’, ‘देखा हजारों दफा’ और ‘प्रेम रत्न धन पायो’ जैसे सुपरहिट गाने गाए हैं। इन प्यारे ने उन्हें बॉलीवुड के टॉप सिंगर्स में शामिल किया। उनकी आवाज में एक खास संरचना और समानता गहराई है, जो सीधे दिल को छू जाती है।
इस एक पल ने बदल दी लाइफ
पाल बहुत कम उम्र से ही सुपरमार्केट में ही मंदों की मदद करती है। उन्होंने कहा, बचपन में ट्रेन से यात्रा के दौरान उनकी बातचीत बच्चों से हुई। ये वो पल था, जब उनकी जिंदगी बदल गई। उसी दिन उन्होंने खुद से वादा किया कि वो एक दिन उनकी मदद जरूर करेंगे। अब वो अपनी कमाई का काफी हिस्सा जिंदगी को बचाने में लगाती हैं।
चैरिटी के लिए शो करते हैं
पला मुच्छल ने भारत और फिल्म जगत में कई लाइव शोज किए हैं। उनके कॉन्सर्ट में बड़ी संख्या में लोग शामिल होते हैं और उनके प्रशंसकों का आनंद लेते हैं। खास बात यह है कि उनके कई शो चैरिटी के लिए होते हैं, जिससे वे समाज के प्रति अपनी जिम्मेदारी भी निभाते हैं।
पलक मुच्छल ने भारत और अपने बाहरी उद्यम बच्चों की मदद के लिए ‘पलक पलाश चैरिटेबल फाउंडेशन’ की स्थापना की। करीब 3800 हार्ट सर्जरी के लिए उन्हें पैसे से संबंधित विशेषज्ञ हैं। उनकी प्रतिभा और समाज सेवा के लिए कई पुरस्कारों से सम्मानित किया गया है। उन्हें गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड में भी जगह मिली है, क्योंकि उन्होंने सबसे ज्यादा चैरिटी कॉन्सर्ट करने का रिकॉर्ड बनाया है।