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WTO मंच पर भारत की आवाज: पीयूष गोयल ने consensus-based फैसलों की वकालत की


नई दिल्ली कैमरून के युंडे में विश्व व्यापार संगठन की 14वीं मिनिस्ट्री मीटिंग (MC14) आयोजित की गई, जिसमें भारत ने वैश्विक व्यापार व्यवस्था को लेकर अहम रुख पेश किया। केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने सदस्यों से सर्वसम्मति (आम सहमति) के आधार पर निर्णय लेने की अपील की और कहा कि यही डब्ल्यूटीओ की मूल स्थापना है।

‘इको बताए गए नियम नहीं, जरूरी जरूरी’

दूसरे दिन की बैठक में भारत का नेतृत्व करते हुए पीयूष गोयल ने स्पष्ट कहा कि किसी भी देश को ऐसे नियमों का पालन नहीं करना चाहिए, उन्होंने इस बात पर सहमति जताई। उन्होंने जोर देकर कहा कि सर्वसम्मति-आधारित निर्णय प्रक्रिया ही छात्रों और वैश्विक व्यापार प्रणाली को सुनिश्चित कर सकती है।

भरोसा बहाल पर दिया जोर

भारत ने स्थिर गतिरोध को समाप्त करने के लिए सदस्य देशों के बीच विश्वास बहाली की आवश्यकता बताई। सरकार का मानना ​​है कि जब तक देश के बीच मजबूत मजबूत नहीं होगा, तब तक प्रभावी निर्णय लेना कठिन रहेगा। बाकी बाधाओं की गहराई से समीक्षा करने की भी मांग की गई।

भारत का रुख

भारत ने कहा कि विश्व व्यापार संगठन में शामिल होने वाली सभी चर्चाएं शामिल, समावेशी और सदस्य देश के नेतृत्व में होनी चाहिए। भारत ने यह भी चेतावनी दी कि यदि फ़्लोरिडा स्ट्रक्चर फ़्लोरिडा या ब्रेकडाउन बढ़ा हुआ है, तो वैश्विक व्यापार प्रणाली गंभीर रूप से प्रभावित होगी।

पुरानी संस्थागत व्यवस्था की मांग

भारत ने उरुग्वे दौर से आए तूफान को दूर करने की भी जरूरत बताई। साथ ही,

खाद्य सुरक्षा
सार्वजनिक स्टॉक होल्डिंग (पीएसएच)
स्पेशल सेफगार्ड मैकेनिज्म (एसएसएम)
सिक्के से जुड़ा मुद्दा

जैसे लंबे समय से ऑटोमोबाइल विषयों को प्राथमिकता देने की बात कही।

विवाद तंत्र शास्त्र पर चिंता

भारत ने विश्व व्यापार संगठन के विवाद में चमत्कारिक तंत्र की ख़राब स्थिति पर भी चिंता व्यक्त की। सरकार का कहना है कि यदि यह तंत्र प्रभावी नहीं रहेगा, तो सबसे पुराने दोस्त दोस्त बने रहेंगे और इससे छोटे और ग्रामीण इलाकों को सबसे ज्यादा नुकसान होगा।

सामूहिक बैठकों में मजबूत आधार पर चर्चा

सम्मेलन के दौरान पीयूष गोयल ने अमेरिका, चीन, दक्षिण कोरिया, जॉर्जिया, न्यूजीलैंड, कनाडा, मोरक्को और ओमान के सम्मेलनों से अलग-अलग मुलाकात की। इन बैठकों में व्यापार को मजबूत करने और सहयोग बढ़ाने पर चर्चा हुई।

समयबद्धन सुधारों की आवश्यकता

सचिव राजेश अग्रवाल ने डब्ल्यूटीओ सुधारों को समयबद्ध तरीके से लागू करने की आवश्यकता और स्पष्ट लक्ष्य निर्धारित करने पर जोर दिया।

भारत की पहली मंजिल पर अलॉटमेंट और ऑटोमोबाइल व्यापार की दिशा
भारत का यह रूखा वैश्विक व्यापार में संतुलन, प्लॉट और सामाग्री सुनिश्चित करने की दिशा में अहम कदम माना जा रहा है।

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