MP News : भोपाल। मध्य प्रदेश में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) अभियान को लेकर सियासी तापमान तेज हो गया है। कांग्रेस का एक प्रतिनिधिमंडल शनिवार को राज्य चुनाव आयोग के दफ्तर पहुंचा और प्रक्रिया में हो रही कथित कमियों की शिकायत दर्ज कराई। साथ ही, BLOs (बूथ लेवल ऑफिसर) पर दबाव और फॉर्म वितरण में देरी के कारण समयसीमा बढ़ाने की मांग की गई।
पूरे प्रदेश में दहशत का माहौल (MP SIR)
कांग्रेस विधायक आरिफ मसूद ने आयोग को सौंपे ज्ञापन में गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि अब तक 50% फॉर्म भी वितरित नहीं हुए हैं। जनता और BLOs दोनों को प्रक्रिया की पर्याप्त जानकारी नहीं दी गई, जिससे गलत फॉर्म भरने की घटनाएं बढ़ रही हैं। मसूद ने चेतावनी दी कि इससे पूरे प्रदेश में दहशत का माहौल है। उन्होंने दावा किया, “कई BLOs तनाव में डूबे हुए हैं और इस दबाव से कुछ की मौतें तक हो चुकी हैं। अधिकारी एसी कमरों में बैठकर मॉनिटरिंग कर रहे हैं, जबकि जमीनी हकीकत देखने के लिए उतरना चाहिए।” मसूद ने कलेक्टरों को निर्देश देने की मांग की कि वे स्पष्ट बयान जारी करें – किसी पात्र मतदाता का नाम नहीं कटेगा और सभी के फॉर्म स्वीकार किए जाएंगे।
कांग्रेस नेता ने जनता से अपील की कि वे SIR प्रक्रिया में सक्रिय भागीदारी करें और फॉर्म भरें, ताकि वोटर लिस्ट में गड़बड़ी न हो। पार्टी का कहना है कि SIR में पुरानी (2003 की) सूचियों पर निर्भरता, नए नाम जोड़ने में देरी और दस्तावेजों की जटिलता से लाखों पात्र मतदाता वंचित हो रहे हैं। विशेष रूप से ग्रामीण और आदिवासी इलाकों में फॉर्म पहुंच ही नहीं पा रहे। कांग्रेस ने आयोग को सुझाव दिया कि BLOs को अतिरिक्त ट्रेनिंग दी जाए और समयसीमा 31 दिसंबर तक बढ़ाई जाए। (MP SIR)
हाल ही में भोपाल में एक BLO को हार्ट अटैक आने की घटना ने हंगामा मचा दिया था। PCC चीफ जीतू पटवारी ने पहले ही BJP पर ‘वोट कटाई की साजिश’ का आरोप लगाया था। चुनाव आयोग ने अभी तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं दी है, लेकिन राज्य निर्वाचन पदाधिकारी कार्यालय ने स्पष्ट किया कि SIR से पात्र नाम नहीं कटेंगे और दावा-आपत्ति का समय 9 दिसंबर से 9 जनवरी 2026 तक है।