हंगामा बढ़ता देख मौके पर मौजूद कैंटीन स्टाफ के एक कर्मचारी ने जो किया, उसने सबको हैरत में डाल दिया। आरोपों के अनुसार, जब छात्रों ने सब्जी में गिरी हुई छिपकली को सबूत के तौर पर दिखाया, तो उस कर्मचारी ने मामले को रफा-दफा करने के लिए उसे उठाया और सबके सामने चबाकर निगल गया। हद तो तब हो गई जब उसने दावा किया कि वह छिपकली नहीं, बल्कि महज ‘शिमला मिर्च’ का एक टुकड़ा था। कर्मचारी की इस हरकत ने वहां मौजूद छात्रों को सदमे में डाल दिया। इस पूरी घटना का वीडियो अब सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिससे विश्वविद्यालय प्रशासन की काफी किरकिरी हो रही है।
मामले की गंभीरता और छात्रों के बढ़ते आक्रोश को देखते हुए विश्वविद्यालय प्रशासन हरकत में आया है। आरजीपीवीयूआईटीके निदेशक सुधीर भदौरिया ने रविवार को इस घटना की निष्पक्ष जांच के लिए एक विशेष समिति का गठन किया है। उन्होंने आश्वासन दिया है कि यदि जांच में कैंटीन संचालक या स्टाफ की किसी भी प्रकार की लापरवाही सामने आती है, तो उनके खिलाफ कड़ी दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी।
दूसरी ओर, छात्र इस जांच से संतुष्ट नजर नहीं आ रहे हैं। उनका कहना है कि छात्रों के स्वास्थ्य के साथ खिलवाड़ किया जा रहा है और जब तक जांच पूरी नहीं हो जाती, तब तक कैंटीन को तुरंत प्रभाव से बंद कर देना चाहिए। फिलहाल, पूरा कैंपस इस ‘शिमला मिर्च बनाम छिपकली’ विवाद को लेकर चर्चा में है और विश्वविद्यालय की जांच रिपोर्ट का इंतजार किया जा रहा है।