घटना के तुरंत बाद परिवार के सदस्यों और स्थानीय लोगों ने युवक को बचाने का प्रयास किया लेकिन गहराई और बहाव के कारण वह पानी में दिखाई नहीं दिया। घटना के बाद से ही पुलिस और स्थानीय प्रशासन द्वारा युवक की तलाश जारी है। मौके पर पीएससी और स्थानीय पुलिस के साथ-साथ कुछ स्वयंसेवी लोग भी मदद कर रहे हैं।
स्थानीय लोगों का कहना है कि नर्मदा नदी का यह हिस्सा बारिश और पानी के बहाव के कारण खतरनाक माना जाता है। घाट पर सुरक्षा इंतजाम पर्याप्त नहीं होने के कारण ऐसे हादसे अक्सर होते रहते हैं। पुलिस ने परिवार को शांति बनाए रखने और घटनास्थल पर सहयोग करने की सलाह दी है।
पुलिस ने बताया कि तलाश अभियान रात और दिन दोनों समय जारी रहेगा। डुबे हुए युवक को निकालने के लिए गोताखोरों और स्थानीय प्रशासन की टीम लगाए गए हैं। नदी के आसपास के इलाके में निगरानी बढ़ा दी गई है ताकि कोई और दुर्घटना न हो।
स्थानीय प्रशासन ने अपील की है कि लोग नदी के गहरे हिस्सों में न जाएं और बच्चों या युवाओं को अकेले न जाने दें। साथ ही उन्होंने नहाने के लिए सुरक्षित घाटों का ही उपयोग करने की चेतावनी दी है।
परिवार ने बताया कि रमेश दलित अपने रिश्तेदार के घर आया हुआ था और वे सब नर्मदा घाट पर नहाने आए थे। वह अचानक गहरे पानी में चला गया और उसके डूबने के बाद से उसे खोजा जा रहा है। परिवार का रो-रोकर बुरा हाल है और सभी सदस्यों ने प्रशासन से पूरी मदद की अपील की है।
घटना ने स्थानीय लोगों में सुरक्षा के प्रति गंभीर चिंता पैदा कर दी है। प्रशासन और पुलिस ने कहा है कि नदी और घाट पर सुरक्षा बढ़ाने के लिए जल्द ही कुछ उपाय किए जाएंगे ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं को रोका जा सके।
इस बीच डूबे युवक की तलाश जारी है और गोताखोर एवं पुलिस टीम सभी प्रयास कर रही है कि रमेश दलित को सुरक्षित निकाला जा सके। यह हादसा नर्मदा घाटों पर सुरक्षा के अभाव और नदी के खतरनाक बहाव को लेकर एक चेतावनी भी है।