लापरवाही पर गाज: ये पुलिसकर्मी हुए निलंबित
एसपी संपत उपाध्याय ने सुरक्षा ड्यूटी में तैनात निम्नलिखित पुलिसकर्मियों को सस्पेंड किया है:
ASI मुन्ना अहिरवार
हेड कांस्टेबल ब्रह्मदत्त खत्री
हेड कांस्टेबल अरुण उपाध्याय
कांस्टेबल प्रतीक सोनकर
घटनाक्रम: गेट नंबर 6 से बैग लेकर घुसा याचिकाकर्ता
रीवा जिले के बैकुंठपुर का रहने वाला दयाशंकर पांडे सोमवार को अपने केस की पैरवी करने खुद हाईकोर्ट पहुंचा था। वह गेट नंबर 6 से अंदर दाखिल हुआ, जहां सघन चेकिंग का दावा किया जाता है। दयाशंकर के बैग में कानूनी दस्तावेजों के साथ एक भ्रूण रखा हुआ था। जैसे ही परिसर के भीतर इस बात का खुलासा हुआ, वहां हड़कंप मच गया और आनन-फानन में पुलिस ने उसे हिरासत में लिया।
वजह: ‘पुलिस निष्क्रियता’ के खिलाफ अनोखा विरोध या मजबूरी?
दयाशंकर पांडे ने अपनी इस हरकत के पीछे रीवा पुलिस की कार्यप्रणाली को जिम्मेदार ठहराया है दयाशंकर के अनुसार, 2024 में निर्दलीय चुनाव लड़ने के बाद से उस पर और उसके परिवार पर लगातार हमले हो रहे हैं।उसने बताया कि 1 मार्च को एक बिना नंबर की कार ने उसकी बाइक को टक्कर मारी थी, जिसमें उसकी गर्भवती पत्नी घायल हो गई। इस हादसे के कारण 8 मार्च को उसकी पत्नी का गर्भपात (मिसकैरेज) हो गया। दयाशंकर का आरोप है कि रीवा पुलिस ने शिकायतों के बावजूद कोई ठोस कार्रवाई नहीं की, जिससे तंग आकर वह सबूत के तौर पर भ्रूण लेकर हाईकोर्ट पहुंच गया।
हाईकोर्ट जैसी संवेदनशील जगह पर बिना चेकिंग के किसी वस्तु का बैग में लेकर पहुंच जाना सुरक्षा के दावों की पोल खोलता है। हालांकि, दयाशंकर की पीड़ा पुलिसिया तंत्र की विफलता की ओर इशारा करती है, लेकिन इस तरह का कृत्य सुरक्षा प्रोटोकॉल का बड़ा उल्लंघन है।
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क्या आप चाहते हैं कि मैं इस घटना के बाद ‘हाईकोर्ट परिसर की नई सुरक्षा